हिमाचल प्रदेश

गुड न्यूज! हिमाचल में 350 रूटों पर दौड़ेंगी 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर, परिवहन विभाग ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

शिमला। हिमाचल प्रदेश में निजी परिवहन को बढ़ावा देने और ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेशभर के 350 रूटों पर अब 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर और 18 सीटर बसों का संचालन किया जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने अपने पुराने आदेशों में संशोधन करते हुए नए निर्देश जारी कर दिए हैं।

350 स्टेज कैरिज रूट परमिट को मिली मंजूरी
हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग के अनुसार राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में 18 सीटर स्टेज कैरिज वाहनों के संचालन के लिए कुल 350 स्टेज कैरिज रूट परमिट स्वीकृत किए हैं। विभाग के निदेशक की ओर से सभी जिलों के आरटीओ को इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

स्टेज कैरिज की श्रेणी में आएंगे 18 सीटर वाहन
नए आदेशों के तहत मोटर व्हीकल अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने की शर्त पर 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर और 18 सीटर बसों को स्टेज कैरिज वाहन की श्रेणी में शामिल किया गया है। ऑपरेटर आवंटित रूट परमिट के आधार पर इन वाहनों की खरीद और संचालन कर सकेंगे।

टेंपो ट्रैवलर के साथ 18 सीटर बसों को भी अनुमति
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेटर केवल टेंपो ट्रैवलर खरीदने के लिए बाध्य नहीं होंगे। वे नियमों के अनुरूप 18 सीटर बसें भी खरीद सकते हैं। इसमें टाटा, सुजुकी या अन्य कंपनियों द्वारा निर्मित 18 सीटर बसें भी शामिल होंगी।

18 सीटर बसों के लिए दो दरवाजे अनिवार्य
विभागीय निर्देशों के अनुसार 18 सीटर बसों में दो दरवाजे होना अनिवार्य होगा। किसी भी वाहन की बैठने की क्षमता चालक को छोड़कर 18 यात्रियों से अधिक नहीं होनी चाहिए। किसी भी आरटीओ को 18 सीट से अधिक क्षमता वाले वाहन को इन परमिटों के तहत पंजीकृत या संचालित करने की अनुमति देने से मना किया गया है।

पुराने परमिट में होंगे आवश्यक संशोधन
पहले से जारी किए गए रूट परमिट पत्रों की शर्तों में आवश्यकता के अनुसार संशोधन किया जाएगा। इसके साथ ही परिवहन विभाग ने मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वाहन पंजीकरण, फिटनेस प्रमाणन और परमिट एंडोर्समेंट के दौरान इन नए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
परिवहन विभाग का मानना है कि 18 सीटर टेंपो ट्रैवलर और बसों के संचालन से प्रदेश के पहाड़ी, ग्रामीण और कम यात्री वाले रूटों पर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को सुरक्षित व सुविधाजनक सफर का विकल्प मिलेगा।

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