यूक्रेन युद्ध के 5वें साल से पहले पुतिन का बड़ा बयान: “रूस अपने भविष्य और न्याय के लिए लड़ रहा है”

नई दिल्ली। यूक्रेन युद्ध की पांचवीं वर्षगांठ से ठीक पहले राष्ट्र के नाम संबोधन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस अपने भविष्य, सच्चाई और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने सैन्य अभियान को देशहित में जरूरी बताते हुए सैनिकों की भूमिका की सराहना की।
24 फरवरी 2022 को रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान की शुरुआत की थी। मॉस्को का तर्क था कि कीव का नाटो में शामिल होना उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। तब से यह संघर्ष लगातार जारी है और दोनों देशों को भारी सैन्य और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
20 प्रतिशत भूभाग पर रूसी नियंत्रण
करीब तीन वर्षों से अधिक समय से जारी इस युद्ध में रूस ने यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। कब्जे वाले क्षेत्रों को लेकर ही शांति वार्ता बार-बार अटक रही है। यूक्रेन इन इलाकों की वापसी पर जोर दे रहा है, जबकि रूस उन्हें अपने नियंत्रण में बनाए रखने की बात कर रहा है।
ड्रोन हमलों से रूस को भी नुकसान
जहां रूस ने यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों को निशाना बनाया है, वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों के समर्थन से यूक्रेन ने भी रूस के कई संवेदनशील ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों से रूस के सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आती रही हैं।
‘वीरता और सम्मान की परंपरा आगे बढ़ा रहे सैनिक’
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा, “रूसी सैनिकों की वर्तमान पीढ़ी अपने पूर्वजों से मिली वीरता और सम्मान की परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। विशेष सैन्य अभियान के दौरान हमारे विशाल देश के सभी लोगों के प्रतिनिधि कंधे से कंधा मिलाकर रूस के हितों की रक्षा कर रहे हैं।”
यूक्रेन युद्ध की पांचवीं वर्षगांठ ऐसे समय आ रही है जब वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक प्रयास तेज हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर संघर्ष अभी भी थमा नहीं है।



