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Bihar Rail Project: 117 किमी नई रेल लाइन से जुड़ेगा पटना-औरंगाबाद, 3606 करोड़ की लागत से बनेंगे 13 नए स्टेशन

बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है। बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड होते हुए औरंगाबाद तक नई रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया अब रफ्तार पकड़ चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

दो चरणों में होगा निर्माण कार्य

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के पहले चरण में अनुग्रह नारायण रोड से औरंगाबाद तक करीब 13 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में बिहटा से अनुग्रह नारायण रोड तक रेल लाइन बिछाई जाएगी। शुरुआत में सिंगल लाइन बनाने का प्रस्ताव है।

3606 करोड़ की लागत, 117 किमी लंबाई

पूरी परियोजना की कुल लंबाई लगभग 117 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जिस पर करीब 3606.42 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस रेल लाइन के निर्माण से बिहार के कई इलाकों को सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

500 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण

परियोजना के लिए लगभग 500 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके तहत रेलवे विभाग राज्य सरकार को नजरी नक्शा, मापी रिपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराएगा। फिलहाल सर्वे का काम जारी है और मई तक इसे पूरा करने की योजना है।

जून तक भेजा जाएगा प्रस्ताव

रेलवे की योजना है कि सर्वे पूरा होने के बाद जून तक जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव राज्य सरकार को सौंप दिया जाए। साथ ही यह भी तय किया जा रहा है कि स्टेशन, यार्ड और अन्य आवश्यक संरचनाएं किन स्थानों पर विकसित की जाएंगी।

13 नए स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित

इस नई रेल लाइन के तहत अनुग्रह नारायण रोड से बिहटा के बीच कुल 13 नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

यात्रा समय में भारी कमी

परियोजना पूरी होने के बाद औरंगाबाद से पटना के बीच यात्रा का समय घटकर करीब डेढ़ से दो घंटे रह जाने की संभावना है। इससे लाखों यात्रियों को तेज, सुगम और सस्ती यात्रा सुविधा मिल सकेगी।

रेलवे ने दी परियोजना की पुष्टि

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि जमीन अधिग्रहण की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और जल्द ही राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन के बाद क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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