उत्तर प्रदेशराज्य

रेल यात्रियों के लिए बड़ी चेतावनी: जून में गोरखपुर रूट पर मेगा ब्लॉक की तैयारी, 40 ट्रेनें रद्द और 50 से ज्यादा का डायवर्जन संभव

गर्मी की छुट्टियों में ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अहम खबर है। जून महीने में गोरखपुर से चलने या यहां से गुजरने वाली कई ट्रेनों पर असर पड़ सकता है। गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर मेगा ब्लॉक की तैयारी चल रही है, जिसके चलते करीब 40 ट्रेनों को रद्द करने और 50 से अधिक ट्रेनों का रूट बदलने का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

15 जून से 15 जुलाई तक प्रस्तावित मेगा ब्लॉक

रेलवे सूत्रों के अनुसार, गोंडा से बुढ़वल तक थर्ड लाइन का काम पूरा हो चुका है और अब इसके एनईआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) कार्य की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए लखनऊ मंडल ने 15 जून से 15 जुलाई तक ब्लॉक लेने का प्रस्ताव भेजा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो इस दौरान रेल यातायात पर बड़ा असर पड़ेगा।

प्रमुख ट्रेनों के निरस्तीकरण और डायवर्जन का प्लान

रेलवे बोर्ड को जिन ट्रेनों के निरस्तीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है, उनमें गोरखपुर-मुंबई, गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी, जनसेवा और जननायक जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा कई स्पेशल ट्रेनों को भी रद्द करने की योजना है। वहीं करीब 25 जोड़ी ट्रेनों का रूट डायवर्ट करने का शेड्यूल भी तैयार किया गया है।

यात्रियों को हो सकती है भारी परेशानी

अगर यह ब्लॉक मंजूर होता है, तो गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर वे यात्री जो दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों से गोरखपुर आना-जाना चाहते हैं, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ेगा।

पूर्वोत्तर रेलवे में यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

इस बीच पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच करीब 21 फीसदी अधिक यात्रियों ने इस जोन से सफर किया है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 2.89 करोड़ अधिक यात्रियों ने यात्रा की है, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

सामान्य श्रेणी में बढ़ाए गए कोच

यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने 32 जोड़ी ट्रेनों में साधारण श्रेणी के 75 अतिरिक्त कोच लगाए हैं। आने वाले समय में सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोचों की संख्या और बढ़ाने की भी योजना है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।


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