उत्तराखंड

धामी सरकार के चार साल पूरे, मुख्यमंत्री बोले- पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प

देहरादून/नई दिल्ली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित ‘4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया और विभागीय प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।

चार साल पहले उठाया था संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चार वर्ष पूर्व जनता ने सभी मिथकों को तोड़कर उन्हें पुनः राज्य की सेवा का अवसर दिया। शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था, जो आज तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों को संकल्प बनाया
धामी ने याद किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में बाबा केदारनाथ से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।” मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार उसी संकल्प के साथ कार्य कर रही है और सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया गया है।

ऐतिहासिक उपलब्धियां और बड़े आयोजन
चार वर्षों में राज्य ने पहली बार जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकें और राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन किया। इसी दौरान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का भी आयोजन हुआ, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर लाया गया।

आर्थिक प्रगति और रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई, जीएसडीपी में 7.23 फीसदी का इजाफा हुआ और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई। 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए, स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1750 हुई और 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनीं। रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

सरकार को मिली राष्ट्रीय सराहना
धामी ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्टार्टअप रैंकिंग में भी प्रदेश अग्रणी रहा। इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान, मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का गौरव और खनन तत्परता सूचकांक में देश में दूसरा स्थान हासिल हुआ, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी राज्य को मिला।

नई कार्य संस्कृति और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब योजनाओं का कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा होता है। देहरादून में लगभग 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि अब आबकारी और खनन विभाग से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

युवाओं और कानून व्यवस्था पर जोर
धामी ने बताया कि नकल विरोधी कानून के कारण पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली और 100 से ज्यादा नकल माफिया जेल में हैं। बड़े भ्रष्टाचार के मामलों में भी अब कार्रवाई की जा रही है।

देवभूमि के देवत्व की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों के माध्यम से देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और डेमोग्राफी संरक्षित कर रही है। 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया और ऑपरेशन कालनेमि के तहत छद्म भेष में ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई। साथ ही, समान नागरिक संहिता लागू कर सभी धर्मों के लिए समान कानून लागू किया गया। जुलाई से उत्तराखंड के सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड का पाठ्यक्रम अनिवार्य होगा।

कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ अधिकारी और नेता
मुख्यमंत्री ने कनक चौक से रोड शो में प्रतिभाग किया और विभिन्न विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरथ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ. आरके सुधांशु समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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