उत्तर प्रदेशराज्य

‘मनमोहन सिंह की अंत्येष्टि को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए’, अखिलेश और मायावती ने दी सलाह

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अंत्येष्टि स्थल और स्मारक के चयन को लेकर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। गृह मंत्रालय ने कहा था कि सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ नयी दिल्ली के निगमबोध घाट पर पूर्वाह्न 11 बजकर 45 मिनट किया जाएगा। राजनीतिक दलों ने इसके बाद ही हमले करने शुरू कर दिए।

‘इस विषय पर न किसी राजनीति की आवश्यकता है’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्‍स’ पर लिखा, ‘‘देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की समाधि के संदर्भ में सम्मान की परंपरा का निर्वहन होना चाहिए। इस विषय पर न किसी राजनीति की आवश्यकता है, न होनी चाहिए।” यादव ने कहा, ‘‘डॉ. मनमोहन सिंह जी की समाधि राजघाट पर ही बननी चाहिए। भाजपा अपनी संकीर्ण सोच का अनुचित उदाहरण प्रस्तुत न करे। इतिहास भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को उसके इस नकारात्मक नजरिये के लिए कभी माफ नहीं करेगा।”

‘कोई राजनीति करना ठीक नहीं है’
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी ‘एक्‍स’ पर एक ‘पोस्ट’ के जरिए नसीहत देते हुए कहा कि ”केंद्र सरकार को देश के पहले सिख प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर करना चाहिए और उनके सम्मान में उसी स्थान पर स्मारक बनवाना चाहिए जहां उनके परिवार की दिली इच्छा है। मायावती ने कहा, ‘‘इसके लिए कोई राजनीति करना ठीक नहीं है और इन मामलों में यदि केंद्र सरकार उनके परिवार एवं सिख समाज की भी भावनाओं का सम्मान करती है तो यह उचित होगा।”

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