
अखिलेश यादव दादरी से करेंगे 2027 विधानसभा चुनाव की शुरुआत, भाईचारे के संदेश से पश्चिम यूपी में करेंगे सपा का दबदबा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है और चुनावी बिगुल रविवार को नोएडा के दादरी से फूंका जाएगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव इस मौके पर ‘समाजवादी समानता-भाईचारा रैली’ के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के समीकरणों को मजबूत करने का संदेश देंगे।
पश्चिमी यूपी में 100 से अधिक सीटों पर नजर
सपा की रणनीति मुख्य रूप से जाट, गुर्जर, मुस्लिम और दलित वोटरों के बीच सामूहिक समर्थन जुटाने पर केंद्रित है। पार्टी ने रैली के लिए 30 से अधिक जिलों से भीड़ लाने की तैयारी की है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
भाईचारे की रणनीति से अखिलेश करेंगे संदेश
शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हमले के बाद सपा रैली पर सभी की निगाहें टिक गई हैं। अखिलेश यादव के संबोधन से पार्टी का लक्ष्य पश्चिमी यूपी में वोटरों के बीच भाईचारा और समानता का संदेश देना है।
दादरी को चुना गया रणनीतिक केंद्र
गौतमबुद्ध नगर का यह क्षेत्र शहरी और ग्रामीण मिश्रित सामाजिक संरचना वाला है, जहां गुर्जर, जाट, मुस्लिम और ओबीसी वोट निर्णायक हैं। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद यहां सपा की पकड़ कमजोर हुई थी, लेकिन अब पार्टी सामाजिक गठजोड़ को पुनर्जीवित करने पर काम कर रही है।
भाजपा को घेरने और जातीय समीकरण साधने की कोशिश
सपा प्रमुख रैली में भाजपा की विकास की घोषणाओं, बुलडोजर कार्रवाई, किसानों की अनदेखी, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर सवाल उठाएंगे। साथ ही सामाजिक भाईचारे और किसानों के हितों पर जोर देकर जाट, गुर्जर और अन्य पिछड़ी जातियों के वोटों को साधने की कोशिश होगी।
मोदी-योगी के हमलों का जवाब रैली से
नोएडा एयरपोर्ट उद्घाटन के दौरान मोदी-योगी द्वारा सपा पर साधे गए हमलों का जवाब भी अखिलेश यादव रैली में देंगे। सपा का लक्ष्य पश्चिम यूपी में मुस्लिम और यादव वोटरों को एकजुट करना और जाट-गुर्जर समेत अन्य पिछड़ी जातियों में सेंध लगाना है।
संगठनात्मक ताकत और जमीन पर असर
हाल के महीनों में सपा ने बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाई है, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ा है और गीत व इंटरनेट मीडिया के माध्यम से माहौल बनाया है। दादरी रैली इस बात का संकेत देगी कि यह रणनीति जमीन पर कितनी प्रभावी रही है।



