अमरनाथ यात्रा 2026: अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण, जल्द आएंगी तारीखें; प्रथम पूजा 29 जून तय

जम्मू से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बाबा अमरनाथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड जल्द ही यात्रा और एडवांस पंजीकरण की तारीखों का ऐलान करने जा रहा है। संभावना है कि इसी महीने के अंत तक तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी, जबकि यह तय हो चुका है कि यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होगी। पहलगाम और बालटाल मार्गों पर बर्फ हटाने का कार्य मई महीने में शुरू किया जाएगा।
यात्रा व्यवस्थाओं के लिए 180 करोड़ का प्रावधान
जम्मू-कश्मीर के 2026-27 के बजट में अमरनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं के लिए 180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से दोनों यात्रा मार्गों के विस्तार, मरम्मत, संवेदनशील स्थानों पर रेलिंग लगाने और यात्री निवासों में सुविधाओं को बढ़ाने जैसे कार्य किए जाएंगे।
29 जून को होगी प्रथम पूजा
श्राइन बोर्ड की बैठक में यात्रा की प्रथम पूजा की तिथि 29 जून निर्धारित की गई है। हालांकि यात्रा शुरू होने और पंजीकरण की आधिकारिक तिथि का ऐलान अभी नहीं किया गया है, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय इसी महीने के अंत तक होने की संभावना है।
यात्री निवास और सुविधाओं का विस्तार जारी
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए श्रीनगर के पंथाचौक में यात्री निवास का निर्माण कार्य जारी है। वहीं जम्मू के बाहरी क्षेत्र सिद्धड़ा में भी यात्री निवास विकसित किया जा रहा है। बोर्ड और सरकार की कोशिश है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे कर लिए जाएं।
हेलिकॉप्टर सेवा और बुकिंग पर फैसला बाकी
एडवांस पंजीकरण की व्यवस्था देशभर की 400 से अधिक बैंक शाखाओं में उपलब्ध कराई जाएगी, जहां ग्रुप और व्यक्तिगत पंजीकरण की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल हेलिकॉप्टर सेवा और एडवांस बुकिंग को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
लंगर और सुविधाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
श्राइन बोर्ड ने लंगर लगाने वाले संगठनों से 25 मार्च तक आवेदन मांगे हैं। हर साल की तरह इस बार भी पहलगाम और बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक करीब 120 से 125 लंगर लगाए जाने की संभावना है, जिन पर अंतिम निर्णय अप्रैल के अंत तक लिया जाएगा।
टेंट और दुकानों के लिए भी मांगे गए आवेदन
गांदरबल जिला प्रशासन ने टेंट और दुकानों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जबकि अनंतनाग प्रशासन भी जल्द ही आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगा। यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले कठुआ, सांबा, जम्मू, ऊधमपुर, रामबन, कुलगाम और श्रीनगर जिलों के प्रशासन की भी अहम जिम्मेदारी होगी, जो श्राइन बोर्ड के साथ मिलकर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाएंगे।



