अमेरिका का बड़ा एक्शन: हिजबुल्ला के वैश्विक फंडिंग नेटवर्क पर कसा शिकंजा, 16 लोग और संस्थाएं प्रतिबंधित

वॉशिंगटन से आई अहम खबर में अमेरिका ने हिजबुल्ला को मिलने वाली आर्थिक मदद पर बड़ा प्रहार करते हुए उसके वैश्विक वित्तीय नेटवर्क पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई उन स्रोतों को बंद करने के उद्देश्य से की गई है, जिनके जरिए संगठन को फंडिंग और वित्तीय समर्थन मिलता रहा है।
वैश्विक स्तर पर फैले नेटवर्क को बनाया निशाना
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रधान प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई हिजबुल्ला की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया, यूरोप और उत्तर अमेरिका में फैले कई व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया है, जो कंपनियों और परियोजनाओं के जरिए धन जुटाने और धन शोधन में शामिल थे।
16 लोग और संस्थाएं प्रतिबंध सूची में शामिल
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अलग से जारी बयान में बताया कि विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने 16 लोगों और संस्थाओं के एक नेटवर्क को प्रतिबंधित किया है। इस नेटवर्क का नेतृत्व हिजबुल्ला से जुड़े वित्तपोषक और पूर्व सार्वजनिक निवेश अधिकारी अला हसन हमीह कर रहा था। यह नेटवर्क लेबनान, सीरिया, पोलैंड, स्लोवेनिया, कतर और कनाडा जैसे देशों में सक्रिय था।
100 मिलियन डॉलर से ज्यादा के लेनदेन का आरोप
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई आर्थिक परियोजनाओं में शामिल रहा और वर्ष 2020 से अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की रकम के हेरफेर में भूमिका निभाई। अधिकारियों का मानना है कि इस फंडिंग का इस्तेमाल हिजबुल्ला की गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा रहा था।
प्रतिबंध के बाद संपत्तियां होंगी फ्रीज
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी अमेरिका में मौजूद या अमेरिकी नागरिकों के नियंत्रण में रखी गई सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी। साथ ही, जिन अमेरिकी नागरिकों के पास ऐसी संपत्तियां हैं, उन्हें इसकी जानकारी संबंधित विभाग को देना अनिवार्य होगा।
50 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले संस्थान भी दायरे में
सरकार ने यह भी साफ किया है कि वे कंपनियां या संस्थान भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे, जिनमें प्रतिबंधित व्यक्तियों की सीधे या परोक्ष रूप से 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी है। इस कदम से हिजबुल्ला के वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।



