पटना में हाईप्रोफाइल एक्शन: फायर ब्रिगेड के IG एम. सुनील नायक हाउस अरेस्ट, गिरफ्तारी को पहुंची आंध्र पुलिस

पटना। राजधानी में सोमवार सुबह उस वक्त हलचल तेज हो गई जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित आईजी के सरकारी आवास पर पहुंची। टीम ने M. Sunil Nayak के आवास पर दस्तक दी और काफी देर तक अंदर दस्तावेजों की जांच व अधिकारियों के साथ बातचीत चलती रही। मौके पर स्थानीय पुलिस और सचिवालय एसडीपीओ भी मौजूद रहे। फिलहाल आईजी को आवास के भीतर ही एक कमरे में निगरानी में रखा गया है।
हत्या के प्रयास का केस, ट्रांजिट रिमांड की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक एम. सुनील नायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज है। आंध्र प्रदेश पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर अपने राज्य ले जाने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि उनकी जमानत रद्द होने के बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज की गई। प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
पूर्व सांसद रघुराम कृष्णा राजू से जुड़ा मामला
यह पूरा प्रकरण आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से पूर्व सांसद Raghu Rama Krishna Raju से जुड़ा है। वर्ष 2021 में जब सुनील नायक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश के सीआईडी में तैनात थे, उसी दौरान राजू की गिरफ्तारी हुई थी।
पूर्व सांसद ने आरोप लगाया था कि गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। अदालत के आदेश पर इस मामले में केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी।
राजनीतिक आरोपों से गरमाया मामला
रघुराम कृष्णा राजू का आरोप है कि तत्कालीन सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि ओपन हार्ट सर्जरी के बाद भी उन्हें जबरन हिरासत में लिया गया।
साल 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री और दो आईपीएस अधिकारियों समेत पांच लोगों पर साजिश के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस प्रकरण ने आंध्र प्रदेश और बिहार—दोनों राज्यों के प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस
एम. सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वर्ष 2019 में वे प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश गए थे और करीब तीन साल तक वहां सेवाएं दीं। वर्ष 2024 में सरकार बदलने के बाद वे बिहार लौटे और अग्निशमन विभाग में आईजी के पद पर तैनात हुए।
अब उनकी संभावित गिरफ्तारी को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।



