S-400 और 60 विमानों की खरीद को मंजूरी, भारतीय सेना की ताकत में बड़ा इजाफा

नई दिल्ली : भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्रालय ने एस-400 (S-400) वायु रक्षा प्रणाली और 60 सैन्य परिवहन विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद सेना की हवाई रक्षा और लॉजिस्टिक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने शुक्रवार को करीब 2.38 लाख करोड़ रुपये के हथियारों और सैन्य उपकरणों की खरीद को हरी झंडी दी। इस पैकेज में लंबी दूरी की S-400 वायु रक्षा प्रणाली, सैन्य परिवहन विमान, ड्रोन और अन्य उपकरण शामिल हैं।
मंजूरी के तहत कुल 60 मध्यम परिवहन विमान शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें से 12 विमान सीधे उड़ान के लिए तैयार हालत में मिलेंगे, जबकि 48 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को भी बढ़ावा मिलेगा और वायुसेना की परिचालन क्षमता मजबूत होगी। इन नए विमानों के शामिल होने से पुराने एएन-32 और आईएल-76 बेड़े को चरणबद्ध तरीके से बदला जा सकेगा। इससे सामरिक, रणनीतिक और मानवीय मिशनों में तेज तैनाती संभव होगी।
एस-400 प्रणाली लंबी दूरी से आने वाले दुश्मन के विमान, ड्रोन और मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह प्रणाली महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
डीएसी ने ड्रोन की खरीद और Su-30 इंजन की मरम्मत से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। इंजन अपग्रेड से विमानों की सेवा अवधि बढ़ेगी और अभियानगत जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
सेना के लिए वायु रक्षा निगरानी प्रणाली, उच्च क्षमता वाली रेडियो रिले, धनुष तोप प्रणाली और रनवे स्वतंत्र हवाई निगरानी प्रणाली को भी मंजूरी दी गई है।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस से एस-400 प्रणाली की पांच इकाइयों के लिए लगभग पांच अरब डॉलर का समझौता किया था। इनमें से तीन स्क्वाड्रन पहले ही मिल चुके हैं, जबकि नई खरीद को उसी का अनुगामी आदेश माना जा रहा है।



