
‘नवयुग पालिका योजना’ को मंजूरी: यूपी के 58 नगरीय निकाय बनेंगे स्मार्ट, छोटे शहरों के विकास को नई रफ्तार
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने छोटे और मध्यम शहरों के समग्र विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘नवयुग पालिका योजना’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति मिली, जिसके तहत 58 नगरीय निकायों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ‘स्मार्ट’ बनाया जाएगा।
अब तक 17 नगर निगम स्मार्ट सिटी मिशन का हिस्सा थे, लेकिन इस नई योजना के जरिए नगर निगमों से बाहर के जिला मुख्यालयों को भी विकास की मुख्यधारा में लाने की तैयारी की गई है।
58 नगरीय निकायों का चयन, छोटे शहरों पर फोकस
‘नवयुग पालिका योजना’ के तहत 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों को चुना गया है। इनमें 55 नगर पालिका परिषद और 3 नगर पंचायतें शामिल हैं। खास बात यह है कि चयनित निकाय वे हैं जो जिला मुख्यालय हैं, जिससे क्षेत्रीय विकास को संतुलित किया जा सके।
इस सूची में चंदौली और हरदोई की नगर पंचायतों के साथ-साथ गौतमबुद्धनगर की दादरी नगर पालिका परिषद को भी शामिल किया गया है।
डिजिटल गवर्नेंस और बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार इस योजना के माध्यम से ‘स्मार्ट सॉल्यूशन’ को बढ़ावा देगी, जिसमें डिजिटल गवर्नेंस, बेहतर सड़कें, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है। इसके साथ ही अन्य योजनाओं के साथ समन्वय कर विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
पांच वर्षों में 2916 करोड़ खर्च, पूरी तरह राज्य पोषित योजना
इस योजना के लिए हर साल 583.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि पांच वर्षों में कुल 2916 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। योजना पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित होगी और इसमें केंद्र सरकार की कोई भागीदारी नहीं होगी। इसकी अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक तय की गई है।
परियोजना चयन और क्रियान्वयन की स्पष्ट व्यवस्था
योजना के तहत परियोजनाओं के चयन के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। वहीं, राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा परीक्षण के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद ही विकास कार्यों का क्रियान्वयन शुरू होगा।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि इस पहल से शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के बीच विकास असमानता को कम किया जा सकेगा और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
ऑडिटोरियम, पार्क और आधुनिक सुविधाओं का विकास
योजना के तहत उत्सव भवन, ऑडिटोरियम, प्रदर्शनी केंद्र, पार्कों का विकास और विद्युत व्यवस्था के आधुनिकीकरण जैसे कार्य कराए जाएंगे। नगरीय निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों—डेढ़ लाख से अधिक और डेढ़ लाख से कम—में बांटा गया है, ताकि जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा सके।
इस योजना से नगर निगमों से बाहर के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और संतुलित शहरी विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



