77वें गणतंत्र दिवस पर बी.एच.यू के प्रो. सिद्धार्थ सिंह “बौद्ध संस्कृति संवर्धन सम्मान” से अलंकृत

लखनऊ: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा बी.एच.यू. में पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर एवं वर्तमान में नव नालंदा महाविहार, नालंदा के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह को शिक्षा, बौद्ध अध्ययन, अकादमिक नेतृत्व तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए “बौद्ध संस्कृति संवर्धन सम्मान” से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान के अंतर्गत प्रो. सिद्धार्थ सिंह को ₹51,000 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। सम्मान समारोह प्रतिष्ठित मंच पर आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए विद्वान, शिक्षाविद, सांस्कृतिक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मान ग्रहण करने के उपरांत अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कारों, अपने माता-पिता तथा समस्त शिक्षकों द्वारा प्रदत्त ज्ञान को दिया । उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन बौद्धिक परंपरा को समकालीन वैश्विक संदर्भों से जोड़ना ही उनका परम उद्देश्य है और यह सम्मान उस दिशा में निरंतर कार्य करने की प्रेरणा को और अधिक सुदृढ़ करता है।



