झारखण्ड

झारखंड में शिक्षा-स्वास्थ्य पर बड़ा दांव: 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खुलेंगे, 12 लाख छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड

रांची। झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले लेने की तैयारी में है। राज्य में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) खोले जाएंगे। इन स्कूलों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मंजूरी मिल गई है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।

सरकार का फोकस बालिकाओं के स्वास्थ्य पर भी है। राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली लगभग 12 लाख छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। इस योजना पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद योजना की तैयारी
सेनेटरी पैड वितरण योजना सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में शुरू की जाएगी। इसकी स्वीकृति विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली योजना प्राधिकृत समिति से ली जाएगी। हालांकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इन दोनों योजनाओं को अभी शामिल नहीं किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पास पहले से राशि उपलब्ध है। वहीं छात्राओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने का निर्णय बजट तैयार होने के बाद लिया गया, इसलिए इसके लिए पहले अनुपूरक बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना है।

शिक्षा विभाग के बजट में नई योजना नहीं
विभागीय जानकारी के अनुसार आगामी बजट में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तहत कोई नई योजना शामिल नहीं की गई है। पुरानी योजनाओं के लिए ही राशि का प्रावधान किया गया है और बजट का आकार भी पिछले वित्तीय वर्ष के लगभग बराबर रहने की संभावना है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में हृदय और कैंसर इलाज पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के बजट में हृदय रोग और कैंसर की जांच व इलाज सुविधाओं के विस्तार पर विशेष फोकस रहेगा। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोग उपचार के लिए कैथ लैब स्थापित की जाएगी। इसके अलावा सभी सदर अस्पतालों में स्तन कैंसर की जांच के लिए मेमोग्राफी सुविधा शुरू करने की योजना है।

कैंसर जांच के लिए मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में पेट स्कैनर सेंटर खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री कायाकल्प योजना, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य बीमा योजना और राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए बजट में बड़ी राशि का प्रावधान किया जा सकता है। रांची में एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भी वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित है।

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