मनजिंदर लालपुरा को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, 11 साल पुराने मारपीट केस में बरी; समझौते से बदला फैसला

चंडीगढ़। करीब 11 साल पुराने बहुचर्चित मारपीट मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मनजिंदर सिंह लालपुरा को बड़ी राहत दी है। अदालत ने वर्ष 2013 में दर्ज केस में ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि और सजा के फैसले को रद्द करते हुए लालपुरा समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
आपसी समझौता बना फैसले की बड़ी वजह
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि पीड़ित पक्ष और आरोपियों के बीच आपसी समझौता हो चुका है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने मामले का पुनर्मूल्यांकन किया और कहा कि जब दोनों पक्ष विवाद समाप्त करने पर सहमत हैं, तो सजा को बरकरार रखने का औचित्य नहीं रह जाता।
ट्रायल कोर्ट के फैसले को किया निरस्त
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले की परिस्थितियों और समझौते को देखते हुए ट्रायल कोर्ट का फैसला टिकाऊ नहीं है। अदालत ने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों को राहत प्रदान की।
क्या था पूरा मामला
वर्ष 2013 में दर्ज इस मामले में एक महिला के साथ मारपीट के आरोप लगे थे, जिसमें एससी-एसटी एक्ट के तहत गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई थीं। ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद मनजिंदर सिंह लालपुरा और अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की गई थी।
रिहाई का रास्ता साफ
लंबे समय से विचाराधीन इस मामले में हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब सभी आरोपियों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने माना कि ऐसे मामलों में, जहां दोनों पक्ष सहमति से विवाद खत्म करना चाहते हैं, वहां न्याय के हित में राहत दी जा सकती है।



