बिहार

कोहरे की चादर में लिपटी राजधानी पटना, जनजीवन अस्त-व्यस्त

पटना। राजधानी सुबह से घने कोहरे की आगोश में नजर आई। आसमान से धरती तक फैली सफेद धुंध ने पूरे शहर को अपनी चादर में ढक लिया। ऊंची इमारतें, सड़कें और पेड़-पौधे तक धुंध में ऐसे गुम हो गए मानो शहर किसी रहस्यमयी तस्वीर में तब्दील हो गया हो। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा।

कोहरे की वजह से राजधानी की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम-सी गई। मुख्य मार्गों पर वाहन चालक हेडलाइट जलाकर बेहद सावधानी से चलते दिखे। कई इलाकों में दृश्यता 20 से 30 मीटर तक सिमट गई, जिसके कारण सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी देर से निकलना पड़ा।

रेल और हवाई यातायात भी कोहरे की चपेट में रहा। राजधानी से गुजरने वाली कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा और कुछ ट्रेनें देरी से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुईं। वहीं, हवाई अड्डे पर भी उड़ानों के संचालन में सावधानी बरती गई। मौसम विभाग के अनुसार, कोहरे के साथ ठंड में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

शहर के ऊंचे इलाकों से लेकर रिहायशी मोहल्लों तक कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। छतों पर रखी पानी की टंकियां, पास-पड़ोस की इमारतें और दूर खड़े पेड़ धुंध में धुंधले नजर आए। सुबह की चहलकदमी और मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की संख्या भी कम देखी गई। सर्द हवा के साथ नमी ने ठंड का अहसास और बढ़ा दिया।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और रात के समय तापमान में गिरावट के कारण घना कोहरा छाया है। आने वाले कुछ दिनों तक राजधानी और आसपास के इलाकों में सुबह के समय कोहरा बने रहने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की ओर से भी वाहन चालकों को सावधानी बरतने, धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का उपयोग करने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ठंड और कोहरे के इस दौर में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को।

कोहरे से ढकी राजधानी ने जहां एक ओर मौसम की गंभीरता को उजागर किया, वहीं दूसरी ओर शहर को एक शांत, धुंधली और अलग ही तस्वीर में बदल दिया। हालांकि, यह खूबसूरती अपने साथ सावधानी और सतर्कता की जरूरत भी लेकर आई है।

Related Articles

Back to top button