भारत सीमा के पास बवाल, नेपाल की मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद भड़की हिंसा

lucknow : नेपाल में पिछले साल GEN-Z आंदोलन ने पूरे देश को हिलाया. इसी के बाद अब सोशल मीडिया पर कथित धार्मिक सामग्री वाले एक वीडियो को लेकर फिर से देश में आशांति फैल गई है. देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. रविवार को यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिससे भारत सीमा (Indian Border) के पास दक्षिणी नेपाल के दो इलाकों में तनाव फैल गया. हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने पर्सा जिले के बीरगंज शहर में आंसू गैस के गोले दागे. यह इलाका भारत के रक्सौल से सटा हुआ है. यहां शनिवार को धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे थे.
धनुषा पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर कुछ लोगों ने मस्जिद में तोड़-फोड़ करते हुए टिक-टॉक पर वीडियो पोस्ट की. इसी के बाद लोगों का गुस्सा फूटा और विरोध प्रदर्शन किए गए. कथित तौर पर टिक-टॉक वीडियो पोस्ट करने और तोड़फोड़ की घटना में शामिल होने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने बताया कि धनुषा जिले की कमला नगरपालिका के सखुवा मारन इलाके में एक समूह ने मस्जिद में तोड़-फोड़ तब की जब कथित तौर पर दो मुस्लिम युवकों ने सोशल मीडिया पर हिंदू-विरोधी कंटेंट फैलाए. इसी के बाद दूसरे समुदाय के युवकों का गुस्सा फूटा और उन्होंने मस्जिद में तोड़-फोड़ की. इसी वजह से देश में आशांति फैली धनुषा जिले में हुई घटनाओं के विरोध में मुस्लिम समुदाय के एक समूह ने रविवार सुबह बीरगंज में टायर जलाकर प्रदर्शन किया. पुलिस ने बताया, जब प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिसकर्मियों पर पथराव और स्थानीय पुलिस थाने में तोड़फोड़ की गई, तो हालात को काबू में लाने के लिए लगभग आधा दर्जन आंसू गैस के गोले दागे गए.
उन्होंने बताया कि बाद में दिन में बीरगंज में हालात सामान्य हो गए. पर्सा के मुख्य जिला अधिकारी भोला दहाल ने रविवार शाम एक सार्वजनिक अपील जारी कर लोगों से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल न होने का आग्रह किया. जिला प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है जो समाज, धर्म या संस्कृति के नाम पर लोगों के बीच नफरत फैलाते हैं, राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचाते हैं या किसी समुदाय के बारे में झूठी अफवाहें फैलाते हैं. प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, शांति भंग करने या धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पर्सा जिला पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) राजू कार्की ने बताया कि इस दौरान 7 पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं. वहीं, धनुषा पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस उपाधीक्षक गणेश बाम ने कहा कि कथित तौर पर टिकटॉक वीडियो पोस्ट करने और तोड़फोड़ की घटना में शामिल होने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है.



