
वाराणसी में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ प्रदर्शनी का समापन, मंत्री सुरेश खन्ना बोले— यूपी तेजी से विकास की राह पर अग्रसर
वाराणसी। विकास और सतत समृद्धि के नौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” विषयक 8 दिवसीय भव्य चित्र प्रदर्शनी का गुरुवार को नाटी इमली स्थित ऐतिहासिक भरत मिलाप मैदान में गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम का समापन प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने किया। इससे पहले प्रदर्शनी का उद्घाटन स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल द्वारा किया गया था।
19 से 26 मार्च तक चला आयोजन, विकास की झलक से रूबरू हुए लोग
यह प्रदर्शनी 19 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और उपलब्धियों को चित्र, चार्ट और मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। आयोजन का उद्देश्य आमजन को प्रदेश के समग्र विकास और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना रहा।
चित्रों और मॉडलों के जरिए दिखाई गई विकास की तस्वीर
प्रदर्शनी में प्रदेश के विकास की कहानी को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेशवासियों के नाम लिखी जा रही “पाती” भी यहां विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि, रोजगार सृजन, निवेश और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों में हुए कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया।
‘उत्तर प्रदेश बना देश का तेजी से विकसित होने वाला राज्य’
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने विकास के नए मानक स्थापित किए हैं। बेहतर कानून व्यवस्था, निवेश के अनुकूल माहौल और पारदर्शी प्रशासन ने राज्य को नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने आगे कहा कि बीते नौ वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। गरीबों के लिए आवास, किसानों को आर्थिक सहायता, युवाओं को रोजगार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी योजनाएं लागू की गई हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट और मेट्रो जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं विकास के प्रतीक बन चुकी हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से आम जनता को बेहतर इलाज उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार का लक्ष्य इसे देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाना है। “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने में प्रदेश की भूमिका अहम होगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दिया गया जन-जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान सूचना विभाग से पंजीकृत सांस्कृतिक दलों ने नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों के माध्यम से जन-जागरूकता का संदेश दिया। स्वच्छता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, डिजिटल पहल, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। “ओ नदिया चले, चले रे धारा…” गीत पर आधारित प्रस्तुति को मंत्री ने विशेष रूप से सराहा।
बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़, लोगों ने सराहा आयोजन
प्रदर्शनी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी उत्साह के साथ भागीदारी की। उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
समापन अवसर पर महापौर अशोक तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।



