
यमुना हादसे में बुझा क्रिकेट का सपना: युवराज सिंह से ट्रेनिंग लेने वाले ऋषभ की मौत, पिता के अरमान हुए चकनाचूर
मथुरा। यमुना मोटरबोट हादसे ने एक होनहार युवक की जिंदगी ही नहीं छीनी, बल्कि एक परिवार के वर्षों से संजोए सपनों को भी पलभर में खत्म कर दिया। लुधियाना के जगराओं निवासी ऋषभ शर्मा की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाने का सपना देखने वाला यह प्रतिभाशाली युवक अब सिर्फ यादों में रह गया है।
क्रिकेट में बड़ा नाम बनाने का था सपना
ऋषभ शर्मा ने भारत के दिग्गज क्रिकेटर Yuvraj Singh और कोच Amit Uniyal से क्रिकेट की ट्रेनिंग ली थी। पिता को पूरा विश्वास था कि उनका बेटा एक दिन खेल जगत में बड़ा मुकाम हासिल करेगा। बचपन से ही क्रिकेट और संगीत के प्रति उसका गहरा लगाव था, जिसे देखते हुए परिवार ने उसे बेहतर प्रशिक्षण दिलाया।
यमुना से बरामद हुआ शव, तीन दिन से थी तलाश
पंजाब से आए श्रद्धालुओं के जत्थे में ऋषभ अकेले वृंदावन पहुंचे थे। हादसे के बाद से वह लापता थे। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने उनका शव वृंदावन के चामुंडा घाट के पास यमुना नदी से बरामद किया। तीन दिनों से बेटे की तलाश में यमुना किनारे बैठे पिता उमेश शर्मा के लिए यह पल असहनीय था।
पढ़ाई में अव्वल, बच्चों को देते थे क्रिकेट की ट्रेनिंग
ऋषभ सिर्फ खेल में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी आगे था। वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था और साथ ही चंडीगढ़ की एक क्रिकेट अकादमी में कोच के रूप में बच्चों को प्रशिक्षण देता था। परिवार को उसकी सफलता को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं और घर में उसके उज्ज्वल भविष्य के सपने बुने जा चुके थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पिता उमेश शर्मा, जो स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं, ने बताया कि उनके दो बेटे थे, जिनमें ऋषभ बड़ा था। छोटा बेटा राधे अभी पढ़ाई कर रहा है। बेटे के असमय निधन ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। जिस बेटे को क्रिकेट के मैदान में चमकते देखने का सपना था, वह अब सफेद कफन में घर लौटा।
मां पर टूटा दोहरा दुख
ऋषभ की मां उमा शर्मा, जो जगराओं के डीएवी स्कूल में अध्यापिका हैं, पहले ही अपने भाई के निधन से उबर नहीं पाई थीं। इसी बीच बेटे की मौत ने उन्हें पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया। हादसे की सूचना मिलते ही वह अपने पति और परिजनों के साथ वृंदावन पहुंचीं और बेटे की तलाश में जुट गईं। दो दिन बाद जब बेटे का शव मिला, तो पूरा परिवार गहरे शोक में डूब गया।



