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डेंगू-मलेरिया जागरूकता रथ को किया रवाना

लखनऊ : जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से फेमिली हेल्थ इंडिया एवं गोदरेज द्वारा संचालित एम्बेड परियोजना के तहत मंगलवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इंदिरानगर से चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा अधीक्षक डा. डॉ. रश्मि गुप्ता ने डेंगू, मलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी देकर दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डॉ. रश्मि गुप्ता ने कहा कि डेंगू एक संक्रामक बीमारी है जो कि डेंगू वायरस के चार प्रकारों में से किसी एक प्रकार के डेंगू वायरस से होता है| उस मरीज को उस प्रकार के डेंगू वायरस से लम्बे समय के लिए प्रतिरोधक क्षमता मिल जाती है किन्तु अन्य तीन प्रकार के डेंगू वायरस से डेंगू बुखार दोबारा हो सकता है| दूसरी बार होने वाला डेंगू बुखार काफी गंभीर हो सकता है जिसे डेंगू हीमरेजिक बुखार कहते हैं| डेंगू बुखार संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है| यदि किसी व्यक्ति को डेंगू का बुखार है और उस व्यक्ति को यह मच्छर काटता है तो उस मच्छर में डेंगू वायरस युक्त खून चला जाता है| जब यह संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट लेता है तो डेंगू वायरस उस स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है| डेंगू में तेज बुखार के साथ सिर, पीठ और जोड़ों में दर्द होता है| आँखें लाल हो जाती हैं| हथेली और पैर लाल होने लगते हैं| गंभीर स्थिति में नाक और मसूड़ों से खून भी आने लगता है|

डेंगू का मच्छर साफ ठहरे पानी में पनपता है, जैसे – कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों व पशुओं के पीने के पानी के बर्तन,फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन टायर, डिस्पोजेबल बर्तन, गिलास आदि| इसलिए इन जगहों पर पानी नियमित रूप से बदलते रहें| यदि पानी इकट्ठा है तो वहाँ पर जला हुया मोबिल ऑयल या मिट्टी का तेल डाल दें| पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों को ढक कर रखें, प्रत्येक सप्ताह कूलर को खाली करके सुखाकर ही उपयोग में लाएं| डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है| पूरी बांह के कपड़े पहनें| मच्छररोधी क्रीम लगाएं, क्वायल या रेपलेंट का उपयोग करें, घर के दरवाजों और खिड़कियों पर जाली का प्रयोग करें| डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है| बुखार आने पर स्वयं सेकोई इलाज न करें| प्रशिक्षित चिकित्सक से ही इलाज कराएं| बुखार आने पर पास के स्वास्थ्य केंद्र जाएं| स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच एवं इलाज निःशुल्क है| डेंगू के लिए एलाइजा जांच की जाती है| इस दौरान डॉ फातिमा, डॉ सूची कपूर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार एम्बेड से शालिनी, अनिल चौधरी व अन्य स्वास्थ कर्मी भी उपस्थित रहे।

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