उत्तर प्रदेशराज्यलखनऊ

कृष्ण की बाललीलाओं को सुन आत्ममुग्ध हुए श्रद्धालु

कंसासुर जाना, मन अनुमाना, पूतना वेगी पठाई।
खेलत राधिका, श्याम मनोहर, बाजत मधुर बधाई॥

लखनऊ : मोतीझील, ऐशबाग स्थिति माधव कला मंडप में ममता चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं बीजेपी अवध क्षेत्र उपाध्यक्ष राजीव मिश्र कथा समिति के संयोजक प्रदीप शर्मा एवं कोषाध्यक्ष गौरव पांडे द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के पांचवें दिन सुविख्यात कथा प्रवक्ता पूज्य संत पंडित राम शरण शास्त्री जी महाराज ने कृष्ण की प्रमुख पांच बाल लीलाओं का चित्रण किया। एक बार खेलते हुए बाल गोपाल ने मिट्‌टी खा ली थी, बड़े भाई बलराम ने कान्हा की इस हरकत का जिक्र मैय्या यशोदा से किया। जब मैय्या ने कान्हा का मुंह खोलकर देखा तो उन्हें समस्त ब्रह्मांड दिखाई दिया, कृष्ण की इस लीला को देखकर मां यशोदा आश्चर्य चकित रह गईं। कंस ने कृष्ण को मारने के पूतना को भेजा। पूतना भेष बदलकर आई लेकिन बाल गोपाल उसे पहचान गए। जब पूतना ने अपने वक्ष पर विष लगाकर कान्हा को दुग्धपान कराया तो कृष्ण ने उसके वक्ष से ही प्राण खींच लिए और राक्षसी पूतना का वध कर दिया।

यमुना नदी पर कालिया नाग ने कब्जा जमा लिया था, उसके जहर से यमुना काली पड़ गई थी। एक बार खेलते हुए कान्हा की गेंद नदी में चली गई, उसे लाने के लिए कृष्ण नदी में कूद पड़े। कान्हा और कालिया नाग के बीच भयंकर युद्ध हुआ। कृष्ण लीला देखकर कालिया नाग उनके आगे झुक गया। जिसके बाद वह उसके फन पर नाचने लगे। एक बार इंद्र ने अहंकार में गोकुल में इतनी बारिश कर दी की गांव डूबने लगे। ग्वाल, बाल, मनुष्य सभी के प्राण बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने बहुत छोटी उम्र में एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सभी ने अपने प्राण बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत की शरण ली। कृष्ण सात दिन तक भूखे इसी तरह खड़े रहे। इस तरह कान्हा ने इंद्र का घमंड चूर-चूर किया। कृष्ण की इस लीला को देखकर सब हैरान होकर जै जै कार करते रहे। कथास्थल पर दिव्य गोवर्धन स्थापित कराकर परिक्रमा करने का सौभाग्य देते हुए गोवर्धन उत्सव मनाया गया। कथा प्रारंभ और समापन आरती में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक एवं उनकी पत्नी भाजपा नेत्री नम्रता पाठक अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने वक्तव्य में बताया कि ममता चैरिटेबल ट्रस्ट एवं उसके मुखिया राजीव मिश्रा प्रत्येक वर्ष आध्यात्मिक चेतना समागम के अन्तर्गत श्रीराम कथा, श्रीमद्भगवत कथा एवं बड़े मंगल पर विशाल भण्डारा करते रहते है। साथ ही असहायों की सेवा एवं सहायता के लिए ट्रस्ट एवं ट्रस्ट के मुखिया राजीव मिश्रा द्वारा समाज की बढ़ चढकर सेवा की जाती रही है। वह चाहे दिव्यांगों की सेवा सहायता हो या मोतियाबिंद के रोगियों का निःशुल्क आपरेशन कराना रहा हो, ट्रस्ट के माध्यम से सहायता उपलब्ध करायी जाती है। कथा समापन आरती में मुख्य यजमान राजीव मिश्रा समिति के प्रमुख सदस्य अधिवक्ता संतोष माहेश्वरी, उपाध्यक्ष जितेश श्रीवास्तव, अमित गुप्ता, अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा, अधिवक्ता प्रदीप शर्मा, पत्रकार संजय तिवारी, शशिकान्त शुक्ल रौनक सिंह इन्दिरा बहन, अनिल पाण्डेय एवं सैकडों की संख्या में भक्तजन मौजूद रहे मौजूद रहे रहे हजारों की संख्या में श्रोतागण को महाराज जी के गाए गए दर्जनों भजनों पर झूमते हुए देखा गया।

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