
सहरसा : बिहार के सहरसा जिले में डीआरडीए डायरेक्टर पद पर तैनात वैभव कुमार के पास करोड़ों की संपत्ति मिली है. आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई छापेमारी के दौरान उनके 6 ठिकानों से बड़ी मात्रा में अवैध संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं. अभी अपराध इकाई इस मामले में जांच कर रही है.
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, मूल रूप से मुजफ्फरपुर के मनिहारी निवासी वैभव कुमार के खिलाफ 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज है, जिसकी जांच की जा रही है. जांच में सामने आया है कि सरकारी सेवा में आने के बाद उन्होंने अपने ज्ञात आय स्रोत से लगभग 78 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है.
कोर्ट से से तलाशी वारंट मिलने के बाद मंगलवार को EOU ने वैभव कुमार के कुल 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. इस दौरान भूखंडों के दस्तावेज, बैंक निवेश, बीमा पॉलिसियां और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड बरामद किए गए. जांच एजेंसी के अनुसार, LIC, SBI Life, NPS और अन्य संस्थानों में निवेश के सबूत मिले हैं. इन निवेशों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है.
तलाशी के दौरान सबसे बड़ा खुलासा करीब डेढ़ दर्जन यानी 16 भूखंडों के दस्तावेज मिलने से हुआ. ये भूखंड मुजफ्फरपुर और पटना में स्थित बताए जा रहे हैं. EOU के अनुसार वर्ष 2016 से अब तक वैभव कुमार ने पत्नी, पुत्र और पिता के नाम पर कई व्यावसायिक और आवासीय प्लॉट खरीदे हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने स्वयं और पत्नी के बैंक खातों में 20 लाख रुपये से अधिक नकद राशि जमा कराई है. इस लेन-देन की भी जांच की जा रही है.छापेमारी के दौरान मुजफ्फरपुर के हरिशंकर मनिहारी गांव में संचालित ऐश्वर्या मैक्स ग्लो आईटीआई प्रशिक्षण संस्थान से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
जांच एजेंसी के अनुसार, इस संस्थान के भवन निर्माण और कार्यशाला पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. यह भी पता चला है कि इस संस्थान को चलाने के लिए एक चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया गया है, जिसके प्रबंधक वैभव कुमार के पिता हैं. इस संस्था के नाम पर वैभव कुमार ने ग्राम हरिशंकर मनिहारी गांव में लगभग एक बीघा जमीन सालान लीज पर ली है. जिसका उपयोग आईटीआई खेल मैदान के रूप में होता है.
EOU को SBI खाते से जुड़ा एक बैंक लॉकर भी मिला है, जिसे तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है. इसकी तलाशी की जाएगी. इसके अलावा टाटा नेक्सॉन समेत दो वाहनों की खरीद से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. EOU ने बताया मामले की पूरी रिपोर्ट उनके मूल विभाग ग्रामीण विकास विभाग को भी भेजी जा रही है.



