उत्तराखंडराज्य

डीएम हिमांशु खुराना ने की जल जीवन मिशन के तहत संचालित कार्यो की समीक्षा

चमोली : जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मंगलवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि घरेलू जल संयोजन (एफएचटीसी) का कार्य शीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें। जिन योजनाओं का पुर्नगठन या जल स्रोत सुधारीकरण का कार्य होना है उनकी डीपीआर जल्द से जल्द बनाई जाए। जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन के कार्यो को मिशन मूड में ही पूरा करना सुनिश्चित करें। जिन घरों को पानी का कनेक्शन देना बाकी है वहां पर जल्द से जल्द कनेक्शन दिए जाए।

जल जीवन मिशन के दूसरे चरण के अन्तर्गत पेयजल योजनाओं के पुर्नगठन एवं स्रोत सुधारीकरण के लिए जिन योजनाओं की डीपीआर अभी तक नही बनी है उनको तत्काल बनाया जाए। जिन योजनाओं की डीपीआर बन गई है और स्थानीय समस्याओं की वजह से काम शुरू नही हो पा रहा है उनको तत्काल संज्ञान में लाया जाए। कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याओं को दूर करने के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं गांव वालों से शीघ्र वार्ता की जाए। ताकि समस्याओं का त्वरित समधान हो सके। उन्होंने निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन के कार्यो में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। जो ठेकेदार अनावश्यक देरी कर रहे है उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। जिलाधिकारी प्रस्तावित पम्पिंग पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान सभी डिविजनों के तहत संचालित कार्यो की गहन समीक्षा की गई।

जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी/जल निगम के अधीक्षण अभियंता महेन्द्र सिंह ने अवगत कराया कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत में 50857 घरेलू जल संयोजन के सापेक्ष अभी तक 38418 घरेलू जल संयोजन किए जा चुके है और 239 गांवों में एफएचटीसी का कार्य शतप्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अवशेष 12439 घरेलू संयोजन का कार्य प्रगति पर है। पेयजल योजनाओं के पुर्नगठन एवं जल स्रोतों के सुधारीकरण के लिए 1275 डीपीआर में से 807 डीपीआर गठन के साथ 595 योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके है तथा 468 योजनाओं की डीपीआर ऑनलाइन करने का कार्य प्रगति पर है। सभी आंगनबाडी केन्द्रों व स्कूलों में जल संयोजन पूरा कर लिया गया है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरूण चौधरी, एसई जल निगम महेन्द्र सिंह, पीडी प्रकाश रावत, डीपीआरओ राजेन्द्र सिंह गुज्यिाल सहित जल संस्थान व जल निगम के सभी डिविजनों से अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता उपस्थित थे।

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