पंजाब में पश्चिमी विक्षोभ का डबल असर, बारिश-ओलावृष्टि और तेज धूल भरी हवाओं का अलर्ट, किसानों के लिए अहम सलाह जारी

पंजाब में बुधवार को दिनभर धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार हैं। बुधवार को फरीदकोट और अमृतसर प्रदेश के सबसे ठंडे जिले रहे, जहां न्यूनतम तापमान क्रमशः 3.0 और 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वीरवार तड़के से पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री
मौसम विभाग ने बताया कि वीरवार सुबह करीब चार बजे से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पंजाब में शुरू हो जाएगा। इसके असर से वीरवार और शुक्रवार को कई जिलों में मौसम अचानक करवट ले सकता है। इस दौरान बारिश के साथ तेज धूल भरी हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
अनुमान है कि पंजाब के कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने 24 जनवरी के लिए भी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।
किसानों के लिए कृषि विश्वविद्यालय की एडवाइजरी
पश्चिमी विक्षोभ को देखते हुए पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल फसलों की सिंचाई न करें। इसके अलावा कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव भी न करने की हिदायत दी गई है, क्योंकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है।
सब्जी और फल उत्पादकों को विशेष सावधानी
कृषि विशेषज्ञों ने सब्जी और फल उत्पादकों को सलाह दी है कि संभावित बारिश और ओलावृष्टि से पहले तैयार फसलों की तुड़ाई कर लें, ताकि नुकसान से बचा जा सके। खुले में रखी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने की भी अपील की गई है।
हिमाचल और कश्मीर में भारी बर्फबारी का अलर्ट
वहीं दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने पर्यटकों को ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा से फिलहाल बचने की सलाह दी है, क्योंकि बर्फबारी के चलते सड़कें बंद होने और फिसलन बढ़ने की आशंका है।



