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महाराष्ट्र के नासिक के गांव में जल संकट के चलते नवविवाहित महिलाएं छोड़ रही ससुराल

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले को स्वतः संज्ञान में लिया

नासिक: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर एक गंभीर मामले को स्वतः संज्ञान में लिया है। मामला महाराष्ट्र के नासिक में नवविवाहिता महिलाओं द्वारा ” जल संकट ( Water Crisis) के चलते अपने ससुराल ( In laws) को छोड़ने का है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि महाराष्ट्र के नासिक के दंडीची बारी गांव में नवविवाहित महिलाएँ अपने ससुराल को गंभीर जल संकट के चलते छोड़ रही है।

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि इन नव विवाहित महिलाओं को मार्च से जून के माह में तेज गर्मी के मौसम में लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल जाकर पानी लाना होता है और जहां से यह पानी लाती हैं वहां पर पहाड़ी क्षेत्र के नीचे जो जल का स्रोत है वह तेजी से सूख रहा है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यह उन महिलाओं के गरिमापूर्ण जीवन जीने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। यह उनके बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में कहा है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा इस मामले में किए गए कई प्रयासों और पेयजल को उपलब्ध कराने के लिए चलाई गई स्कीमों के बावजूद भी ऐसी महिलाओं के लिए समस्या का समाधान अभी तक सामने नहीं आ पाया है। 2 मई को प्राप्त एक मीडिया खबर का हवाला देते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा कि नासिक के इस गांव में एक महिला को छोटा सा घड़ा पानी भरने में 3 घंटे लग जाते हैं और पानी लाने के लिए इन महिलाओं को दिन में दो बार दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र से होकर गुजरना होता है।

एक बार यह महिलाएं सुबह 4 बजे और दूसरी बार तेज गर्मी से बचने के लिए सूरज डूबने के बाद जल लेने के लिए जाती हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यह नव विवाहित महिलाओं के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण स्थिति है और इसीलिए इस मामले को संज्ञान में लेते हुए आयोग ने महाराष्ट्र सरकार के चीफ सेक्रेटरी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सेक्रेटरी को नोटिस भेजकर इस मामले में 6 सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि उसे रिपोर्ट में यह बताया जाए कि अब तक इस क्षेत्र में पेयजल की समस्या के समाधान के लिए क्या उपाय किए गए हैं या कौन से उपाय किए जाने प्रस्तावित हैं और इस क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता की ताजा स्थिति क्या है।

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