उत्तराखंड

उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली की शुरुआत, साइबर ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई संभव; 162 शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता

उत्तराखंड में साइबर अपराध से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार से ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के जरिए वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को तेजी से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान 162 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए और उत्तराखंड पुलिस में चयनित 1900 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

साइबर ठगी के मामलों में तुरंत दर्ज होगी ई-जीरो एफआईआर

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत शुरू की गई ई-जीरो एफआईआर प्रणाली खासतौर पर एक लाख रुपये से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों के लिए तैयार की गई है। इस व्यवस्था के तहत 1930 हेल्पलाइन नंबर या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों को देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।

इसके बाद इन शिकायतों को सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को तुरंत भेज दिया जाएगा। इससे पुलिस को गोल्डन ऑवर में तेजी से कार्रवाई करने, साक्ष्य जुटाने और संदिग्ध बैंक लेन-देन को फ्रीज करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इससे साइबर ठगी में फंसे पैसे की अधिकतम रिकवरी की संभावना बढ़ेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डिजिटल बटन दबाकर इस प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया।

अल्मोड़ा में दर्ज हुई पहली ई-जीरो एफआईआर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत 1930 टोल फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से भी ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। उन्होंने अल्मोड़ा जिले में दर्ज पहली ई-जीरो एफआईआर की कॉपी केंद्रीय गृह मंत्री को भेंट की।

नई न्याय संहिता को बताया आधुनिक और वैज्ञानिक

कार्यक्रम में मौजूद लोगों और विशेष रूप से अधिवक्ता समुदाय से अपील करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने नई न्याय संहिता पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रिटिश काल के डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को बदलने का काम किया गया है। उनका कहना था कि वर्ष 2028 तक नई न्याय संहिता के सभी प्रावधान पूरी तरह लागू हो जाएंगे और इसके बाद किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक अंतिम फैसला आने में अधिकतम तीन साल का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय व्यवस्था बताया।

उत्तराखंड पुलिस में 1900 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में चयनित 1900 नए आरक्षियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। उन्होंने सभी युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में अब बिना पर्ची और बिना खर्च के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लाए गए सख्त नकल विरोधी कानून को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

2027 के कुंभ मेले को लेकर भी किया बड़ा दावा

अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुंभ मेला अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमावर्ती गांवों को देश का पहला गांव मानकर उनके विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इस योजना का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकना है और उत्तराखंड के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।

162 शरणार्थियों को सौंपे गए नागरिकता प्रमाणपत्र

कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए कुल 162 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इनमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित सिद्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश, भट्टाग्राम से आए जसपाल कुमार, कराची में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार से परेशान होकर भारत आए दुर्गानाथ टी. राजपूत और अफगानिस्तान से आई हंसेरी बाई को मंच पर नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपा गया।

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