धरती बनी कब्रगाह! कांगो की खदान में भीषण भूस्खलन, 200+ मौतें—मजदूरों संग बच्चे और महिलाएं मलबे में दबीं

नई दिल्ली: पूर्वी लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) के रुबाया इलाके में स्थित एक बड़ी कोल्टन खदान में भयानक भूस्खलन हुआ है। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मृतकों की वास्तविक संख्या इससे भी ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब खदान के अंदर सैकड़ों लोग काम कर रहे थे।
मजदूरों के साथ बच्चे और महिलाएं भी थीं मौजूद
प्रांत में विद्रोही समूह द्वारा नियुक्त गवर्नर के प्रवक्ता लुबुम्बा काम्बेरे मुइसा ने बताया कि हादसे के वक्त खदान क्षेत्र में केवल मजदूर ही नहीं, बल्कि बच्चे और स्थानीय बाजार में काम करने वाली महिलाएं भी मौजूद थीं। मलबे से कई लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। करीब 20 घायलों का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार शाम तक मृतकों की संख्या कम से कम 227 तक पहुंच गई थी। हालांकि, आशंका है कि कई लोग अभी भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
बारिश और कमजोर जमीन बनी हादसे की वजह
प्रशासन ने इस दुर्घटना के लिए लगातार बारिश और कमजोर हो चुकी जमीन को जिम्मेदार ठहराया है। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन खराब मौसम और अस्थिर जमीन के कारण अभियान चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोग वर्षों से बेहद खतरनाक परिस्थितियों में यहां हाथों से खुदाई कर काम करते हैं और रोज कुछ डॉलर कमाकर अपना गुजारा करते हैं। इस इलाके में सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी और अवैध खनन लंबे समय से बड़ी समस्या रहे हैं।
क्यों अहम है रुबाया की यह खदान?
रुबाया खदान को वैश्विक स्तर पर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से दुनिया के लगभग 15 प्रतिशत कोल्टन का उत्पादन होता है। कोल्टन से टैंटलम नामक धातु निकाली जाती है, जिसका उपयोग इन चीजों में होता है: मोबाइल फोन, कंप्यूटर, एयरोस्पेस उपकरण, गैस टर्बाइन जैसी हाई-टेक मशीनें यानी यह खनिज आधुनिक तकनीक के लिए बेहद जरूरी है।
विद्रोही समूह के नियंत्रण में खदान
संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, 2024 से यह खदान AFC/M23 विद्रोही समूह के नियंत्रण में है। यूएन का आरोप है कि यह समूह खदान से मिलने वाली संपदा का इस्तेमाल अपने सशस्त्र अभियान के लिए कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस गतिविधि को पड़ोसी देश रवांडा का समर्थन मिल रहा है, हालांकि रवांडा की सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।



