लखनऊ

SMS में पेड़ लगाकर मनाया पृथ्वी दिवस

लखनऊ : हम सब जानते हैं कि ‘बढ़ती आबादी, घटते पेड़’ से धरती पर संकट गहराया है। पिछले सात (07) वर्षों में भारत देश की आबादी लगभग 10 करोड़ बढ़ गई है, जो पूर्व में 2015 में 127 करोड़ थी, अब वर्ष 2022 में 8 फीसदी बढ़कर लगभग 137 करोड़ हो गई। वहीं सात (07) वर्षों में विश्व की आबादी में 55 करोड़ का इजाफा हुआ है जो वर्ष 2015 में 738 करोड़ थी जो अब बढ़कर 793 करोड़ हो चुकी है। बढ़ी 7 फीसदी आबादी का सीधा असर प्रकृति पर मौजूद प्राकृतिक सम्पदा को खत्म करने पर सीधे पड़ रहा है।लखनऊवाराणसी : हम सब जानते हैं कि ‘बढ़ती आबादी, घटते पेड़’ से धरती पर संकट गहराया है। पिछले सात (07) वर्षों में भारत देश की आबादी लगभग 10 करोड़ बढ़ गई है, जो पूर्व में 2015 में 127 करोड़ थी, अब वर्ष 2022 में 8 फीसदी बढ़कर लगभग 137 करोड़ हो गई। वहीं सात (07) वर्षों में विश्व की आबादी में 55 करोड़ का इजाफा हुआ है जो वर्ष 2015 में 738 करोड़ थी जो अब बढ़कर 793 करोड़ हो चुकी है। बढ़ी 7 फीसदी आबादी का सीधा असर प्रकृति पर मौजूद प्राकृतिक सम्पदा को खत्म करने पर सीधे पड़ रहा है।

आबादी का सबसे बड़ा खतरा उन क्षेत्रों में है जहां की आबादी घनी होती जा रही है, जिससे प्राकृतिक संसाधन कम पड़ने लगे हैं और पानी का भी संकट दिखने लगा है। प्रदूषण ने भी अपना भीषण गर्मी के रूप में एवम अप्रत्या​शित चक्रवाती वारिस के रूप में असर दिखाना शुरू कर दिया है। यदि समय रहते न चेते तो पानी और हवा के लिए भी संघर्ष करना पड़ेगा। उपरोक्त बातें पृथ्वी दिवस के अवसर पर स्कूल ऑफ मैनेजमेण्ट साइंसेज में वक्ताओं ने छात्राओं में चेतना जगाने के लिए कही।

22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के अवसर पर धरती को हरा-भरा रखने, इसे प्रदूषण मुक्त करने हेतु आवश्यक कदम उठाने व अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा पृथ्वी की सम्पदा के दोहन को कम करने एवं पानी बचाने के प्रयास हेतु शरद सिह, सचिव व कार्यकारी-अधिकारी, डॉ0 मनोज मेहरोत्रा-निदेशक, व डॉ0 भरत राज सिंह पर्यावरणविद् व महानिदेशक आदि ने अपने वक्तव्य में वचनबद्धता की प्रेरणा देते समय की। इस अवसर पर संस्था में बृक्षारोपड़ भी किया गया, जिसमें डीन, डा. धर्मेंद्र सिह कुलसचिव, एस.एन.शुक्ला, प्रिंसपल, डिप्लोमा, एस.एन. झरोरिया एवं विभागाध्यक्ष तथा कम्प्यूटर साइंस के छात्र-छात्रायें भी उपस्थित रहे।

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