मध्य प्रदेश

‘कर्जमुक्त प्रजा और सामाजिक सद्भाव’ पर जोर: सीएम मोहन यादव ने बताई सम्राट विक्रमादित्य की शासन शैली की प्रासंगिकता

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय नववर्ष और नवसंवत्सर के अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य की शासन शैली को आज के समय में भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनकी नीतियां कर्जमुक्त प्रजा और सामाजिक सद्भाव पर आधारित थीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नवसंवत्सर का आरंभ प्रकृति, सृष्टि और शासक के पुरुषार्थ के साथ जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड़ी पड़वा के साथ नववर्ष की शुरुआत पूरे देश में उत्साह और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। यह दिन सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला का प्रतीक है, जो भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाता है।

सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों पर चलने का प्रयास
डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त कर समाज में व्याप्त अराजकता को समाप्त किया और प्रजा को कर्जमुक्त बनाकर सामाजिक समरसता की मजबूत नींव रखी। उनके नेतृत्व में स्थापित विक्रम संवत् आज 2083वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके शौर्य, साहस और न्यायपूर्ण शासन के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनकल्याणकारी नीतियों पर काम कर रही है।

विक्रमोत्सव-2026 में किया संबोधन
मुख्यमंत्री रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नवसंवत्सर, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित विभिन्न पर्वों की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

ब्रह्म ध्वज स्थापना से एकता का संदेश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रह्म ध्वज की स्थापना करते हुए कहा कि यह ध्वज समाज को एकजुट होकर देश और प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था ने राजतंत्र को जनकल्याणकारी व्यवस्था में बदलने की दिशा दिखाई, जिससे आगे चलकर लोकतांत्रिक मूल्यों को बल मिला।

लोकतांत्रिक मूल्यों की परंपरा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज सदैव अनुशासित और समावेशी रहा है, जहां ‘जियो और जीने दो’ की भावना को अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जड़ें भारतीय परंपरा में गहराई से जुड़ी हैं और यह हमारे अस्तित्व का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति और सम्मान
इस अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाटक का मंचन किया गया, जिसमें कलाकारों ने उनके जीवन और शासन शैली को प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

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