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हर द्वार दस्तक, हर बच्चा स्कूल : काशी से शिक्षा क्रांति का शंखनाद

बच्चों के बीच पहुंचे सीएम, अपने हाथों से परोसा भोजन

सीएम योगी का आह्वान : ‘स्कूल चलो अभियान’ बने जनांदोलन; शिक्षा नहीं सिर्फ डिग्री, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का आधार, ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 1.36 लाख से अधिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित हुई हैं और ‘ऑपरेशन निपुण’ से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी है, काशी में कालभैरव व बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ हुआ शुभारंभ

सुरेश गांधी

वाराणसी : उत्तर प्रदेश में शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने और हर बच्चे को विद्यालय से जोड़ने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी की धरती से ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया। शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने इसे केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से चलने वाला जनांदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा शिक्षा केवल सर्टिफिकेट या डिग्री नहीं, बल्कि मनुष्य को संस्कारी और राष्ट्र को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है।

अब समय यशस्वी बनने का
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा यह कुड़ने का समय नहीं, यशस्वी बनने का समय है। हर व्यक्ति इस अभियान का हिस्सा बने और बच्चों को स्कूल तक पहुंचाए। काशी से शुरू हुआ ‘स्कूल चलो अभियान’ अब एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। सरकार की योजनाओं, संसाधनों और जनभागीदारी के संगम से यह पहल न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाएगी, बल्कि आने वाले समय में एक सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर समाज की नींव भी मजबूत करेगी।

शिक्षा: समाज और राष्ट्र की असली ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सामाजिक और आर्थिक समानता लानी है, तो हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना अनिवार्य है। जब बच्चा साक्षर होगा, तभी समाज विकसित होगा और प्रदेश समृद्ध बनेगा, अन्यथा निरक्षरता समाज को कमजोर कर देगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

2017 से पहले बनाम आज : बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने पुरानी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले विद्यालयों की हालत जर्जर थी और बच्चों की संख्या लगातार घट रही थी। एक प्रसंग साझा करते हुए उन्होंने कहा रुचि पढ़ने में नहीं है या पढ़ाने में नहीं है, यह अंतर समझना होगा। आज ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत 1.36 लाख से अधिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित हुई हैं और ‘ऑपरेशन निपुण’ से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी है।

ड्रॉपआउट 19% से 3%-अब लक्ष्य शून्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ड्रॉपआउट दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने शिक्षकों से इसे शून्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि हर घर तक पहुंचकर बच्चों को स्कूल लाना होगा।

हर घर दस्तक : 1 से 15 अप्रैल तक विशेष अभियान
‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत 1 से 15 अप्रैल तक शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई बच्चा स्कूल से बाहर है, तो यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

80 हजार करोड़ का निवेश, योजनाओं की झड़ी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार शिक्षा पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है। बच्चों को निःशुल्क ड्रेस, किताबें. दो चरणों में डीबीटी के माध्यम से सहायता. 25 लाख बालिकाओं को ‘सुमंगला योजना’ का लाभ. कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार.

बेसिक शिक्षा में भरोसा बढ़ा : मंत्री संदीप सिंह
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में 97% बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हो चुकी हैं, जिससे अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है और बच्चों का नामांकन तेजी से बढ़ा है।

गरीब बच्चों के सपनों को पंख : अटल आवासीय विद्यालय
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों ने मजदूरों के बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है, जहां अब वे बेहतर सुविधाओं के साथ शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

बच्चों के बीच पहुंचे सीएम, अपने हाथों से परोसा भोजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद किया और मिड डे मील योजना के तहत बने भोजन को अपने हाथों से परोसकर उन्हें खिलाया। यह दृश्य पूरे कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण बन गया।

धार्मिक आस्था का संगम
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का अभिषेक कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

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