
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की लंबे समय से पार्टी के प्रति नाराजगी के कयास लगाए जाते रहे हैं. नाराजगी की खबरों के बीच थरूर ने आज गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. देर तक चली मुलाकात के बाद थरूर ने कहा कि सब कुछ ठीक है और सब एक साथ हैं. संसद भवन स्थित मल्लिकार्जुन खरगे के ऑफिस में यह मुलाकात हुई. केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद थरूर ने इस मुलाकात को बहुत अच्छी, सार्थक और सकारात्मक करार दिया. शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “सब कुछ ठीक है और हम सब एक साथ आगे बढ़ रहे हैं.” थरूर ने कहा, “मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) और कांग्रेस अध्यक्ष (खरगे) के साथ हमारी बातचीत हुई. हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई. अब सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. मैं और क्या कह सकता हूं? मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?”
अगले कुछ महीने में केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार की संभावना को लेकर शशि थरूर ने कहा, “मैंने हमेशा प्रचार किया है, आगे भी प्रचार करता रहूंगा.” उन्होंने केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी से इनकार करते हुए कहा कि यह उनके लिए कभी मुद्दा ही नहीं रहा. क्या केरल के मुख्यमंत्री के बारे में बात हुई के सवाल पर उन्होंने कहा, “नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई. मुझे किसी भी चीज के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है. मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है.” उनका कहना है कि मैं मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं हूं, मैं पहले से सांसद हूं.
शशि थरूर की नाराजगी को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं. इससे पहले पिछले दिनों कांग्रेस सांसद थरूर ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से मना कर दिया, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPM) की ओर उनके झुकाव की अटकलें लगाई जा रही थीं. अटकलें तब से लगाई जाने लगी हैं जब से उन्होंने कांग्रेस की कई बैठकों से दूरी बनाकर रखी. पिछले दिनों एक अहम बैठक में नहीं आने पर सफाई में कहा कि उनके पास न्योता इतनी देर से आया कि उनके पास अपने पहले से तय कार्यक्रम को बदलने का कोई विकल्प नहीं था. यह बैठक पिछले दिनों सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित की गई थी.



