
सलीम वास्तिक को होश तो आया, पर आवाज छिनी? 7 दिन बाद वेंटिलेटर पर खोली आंखें, गले पर हमले के गहरे निशान
गाजियाबाद: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर सलीम वास्तिक (सलीम अहमद) के समर्थकों के लिए राहत भरी खबर है। 27 फरवरी को हुए जानलेवा हमले के बाद, पिछले एक हफ्ते से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे सलीम को आखिरकार होश आ गया है। दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उनका इलाज जारी है।
5 सेकंड के वीडियो में दिखे सलीम, डॉक्टरों ने जताया संतोष
अस्पताल प्रशासन ने सलीम के बेटे उस्मान को एक छोटा वीडियो विजुअल दिखाया है। इस वीडियो में सलीम को ऑक्सीजन सपोर्ट पर देखा जा सकता है। उनके गले पर हमले के गहरे जख्म और टांके साफ नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सलीम ने डॉक्टरों की बातों पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है, जो एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, लिवर की गंभीर चोट को ठीक होने में अभी काफी समय लगेगा और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वे भविष्य में बोल पाएंगे या नहीं।
सुरक्षा का घेरा सख्त,पत्नी को गुप्त स्थान पर भेजा गया
सलीम की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस अलर्ट मोड पर है। मैक्स हॉस्पिटल के बाहर क्यूआरटी (QRT) वैन तैनात की गई है। सुरक्षा कारणों से सलीम की पत्नी को किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। हिंदू रक्षा दल के पिंकी चौधरी ने अस्पताल पहुंचकर बताया कि इलाज के लिए अब तक करीब 4-5 लाख रुपये की मदद जुटाई जा चुकी है, जबकि कुल खर्च 50 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
एनकाउंटर पर उठे सवाल- हमलावरों के पिता का आरोप
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब हमले के आरोपी दो भाइयों (जीशान और गुलफाम) के एनकाउंटर पर उनके पिता बुनियाद अली ने सवाल खड़े किए। बुनियाद अली ने पुलिस की कार्रवाई को फेक एनकाउंटर बताते हुए कहा कि अगर उनके बेटे दोषी थे, तो उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट ले जाना चाहिए था, ना कि सीधे एनकाउंटर करना चाहिए था।
क्या था पूरा मामला?
27 फरवरी की सुबह गाजियाबाद के लोनी स्थित ऑफिस में हेलमेट पहने 2 हमलावरों ने सलीम पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया था। पुलिस अब इस खूनी साजिश के पीछे छिपे असली मास्टरमाइंड और हैंडलर्स की तलाश कर रही है।



