देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने बीते चार वर्षों में विकास और सुशासन का नया अध्याय लिखा। इन चार वर्षों में सशक्त फैसलों, उनकी प्रभावी क्रियान्वयन प्रक्रिया और संकल्पपूर्ण नीतियों ने राज्य को नई पहचान दी है।
यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करना धामी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू किया गया। इसके अलावा सशक्त भू-कानून, सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानूनों ने राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत किया। चार वर्षों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई।
नकल विरोधी कानून और रोजगार में पारदर्शिता
नकल विरोधी कानून के लागू होने से सरकारी भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बहाल हुआ और पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं।
मजबूत हुई राज्य की आर्थिक नींव
धामी सरकार के चार वर्षों में आर्थिक मोर्चे पर भी मजबूती आई। वर्ष 2024-25 में जीएसडीपी बढ़कर 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची, जबकि प्रति व्यक्ति आय 2.73 लाख रुपये हो गई। राज्य की गरीबी दर घटकर 6.92 प्रतिशत रही। 7.23 प्रतिशत की विकास दर बताती है कि राज्य की आर्थिक नींव मजबूत हुई है।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा में उपलब्धियां
अटल आयुष्मान योजना के तहत 61 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए और 17 लाख से अधिक मरीजों को 3400 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण
उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर शिक्षा क्षेत्र में संस्थागत सुधार किए गए। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई। ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 2.5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण देकर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना और सशक्त बहना उत्सव कार्यक्रम महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
पर्यटन और कनेक्टिविटी में बदलाव
वर्ष 2025 में छह करोड़ से अधिक पर्यटकों के आगमन से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए गए, जबकि मानसखंड मंदिर माला मिशन और शीतकालीन यात्रा ने पर्यटन को बढ़ावा दिया। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, रोपवे और हेली सेवाओं का विस्तार राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रहा है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नवाचार
मिलेट्स नीति, कीवी नीति और ड्रैगन फ्रूट योजना से किसानों की आय बढ़ी है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारा संकल्प केवल विकास नहीं, बल्कि समग्र और संतुलित विकास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में हम निरंतर कार्य कर रहे हैं। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”




