यूपी में यहां बनेगा पटना जैसा गंगा रिवरफ्रंट! 3000 करोड़ की फोरलेन परियोजना से जुड़ेंगे प्रमुख घाट-मंदिर

कानपुर। गंगापथ परियोजना अब जमीन पर उतरने की दिशा में निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अटल घाट से शुक्लागंज के पुराने गंगापुल तक प्रस्तावित आठ किमी लंबे फोरलेन गंगापथ को शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
करीब तीन हजार करोड़ की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कराने के लिए 27 जनवरी को टेंडर फाइनल हो जाएगा। डीपीआर बनाने के लिए केडीए पांच करोड़ का बजट उपलब्ध कराएगा।
इस परियोजना की जानकारी लेने के लिए शुक्रवार को सांसद रमेश अवस्थी के नेतृत्व में सेतु निगम, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने गंगा नदी में स्टीमर से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने गंगा बैराज के अटल घाट, सरसैया घाट, रानीघाट, भैरोघाट, परमट घाट से लेकर पुराने गंगा पुल तक पूरे प्रस्तावित कारिडोर को देखा।
निरीक्षण के दौरान वीआइपी रोड को गंगापथ से जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीपीआर बनाने से पहले विस्तृत तकनीकी अध्ययन किया जाएगा। इसमें भूवैज्ञानिक परीक्षण, पर्यावरणीय मूल्यांकन, गंगा किनारे की मिट्टी की क्षमता, तट संरक्षण, संभावित पिलर लोकेशन, अप्रोच रोड, इंटरचेंज, कर्व और लिंक रोड के साथ-साथ घाटों के बीच सुरक्षित कनेक्टिविटी जैसे बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
इंजीनियरों का कहना है कि गंगा तट की संरचना फोरलेन गंगापथ के लिए अनुकूल है और तकनीकी चुनौतियां सीमित हैं। यह परियोजना पटना की तर्ज पर विकसित की जाएगी। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि गंगा रिवर फ्रंट के निर्माण से कानपुरवासियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
यह परियोजना कानपुर को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि भैरो मंदिर, आनंदेश्वर मंदिर और सरसैया घाट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल भी गंगा पथ से सीधे जुड़ेंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष लाभ मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान केडीए के सचिव अभय कुमार पांडे, मुख्य नगर नियोजन अधिकारी मनोज कुमार, मुख्य अभियंता आरपी सिंह, पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार, सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक बीके सेन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
गंगापथ का डीपीआर बनाने के लिए सेतु निगम को टेंडर प्रक्रिया 27 जनवरी को पूरी हो जाएगी। डीपीआर के लिए केडीए पांच करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराएगा।
अभय पांडेय, सचिव, केडीए



