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कोरोना में अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए सरकार का बड़ा कदम, स्टाइपेंड दोगुना करने की तैयारी

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Second Wave Of Coronavirus) ने भारी तबाही मचाई थी. इस लहर ने कई परिवारों को तहत नहस कर दिया था. वहीं जानलेवा वायरस के कारण अपने पेरेंटस को खो देने वाले बच्चों के स्टाइपेंड को बढ़ाया जा सकता है. मिली जानकारी के अनुसार इस स्टाइपेंड में 2 हजार रुपए की वृद्धि हो सकती है. दरअसल कोरोना में अपने परिवार खोने वाले बच्चों को भारत सरकार सहायता राशि के तौर पर 2 हजार रुपये दे रही थी वहीं.

अब खबर है कि इस राशि को बढ़ाकर 2 हजार की जगह 4 हजार रुपए की जा सकती है. केंद्रीय कैबिनेट अगले कुछ हफ्तों में इसकी आधिकारिक घोषणा करेगी. दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 29 मई को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम (PM Cares for Children Scheme) के तहत ऐसे बच्चों को 2 हजार रुपए की सहायता राशि के साथ पढ़ाई-लिखाई और मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देने का ऐलान किया था.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सहायता राशि का बढ़ाने के इस प्रस्ताव पर अगले कुछ हफ्तों में कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है. वहीं यह प्रस्ताव केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्रालय ने दिया है.

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) में बहुत सारे लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं. बहुत सारे बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया. ऐसे बच्‍चों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ योजना की शुरुआत की. ऐसे बच्चों को 23 साल की उम्र होने पर सरकार 10 लाख रुपये की मदद करेगी. इसके साथ ही स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से उनके कल्याण की व्यवस्था की जाएगी, उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा. साथ ही 23 साल की उम्र पर पहुंचने पर उन्हें 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी.

इस योजना के तहत ही महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आवेदन देने और सहायता हासिल करने के लिए पात्र बच्चों की पहचान करते हुए उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए pmcaresforchildren.in पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. इस उद्देश्य के लिए एक समर्पित हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया था, जिस पर टेलीफोन द्वारा 011-23388074 पर या ईमेल pmcares-child.wcd@nic.in पर संपर्क किया जा सकता है.

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