युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा गुरपतवंत सिंह पन्नू, 2 हजार रुपये देकर खालिस्तान के नारे लिखवाए; ग्रेनेड मंगवाए, जान लें कैसे सब कुछ हो जाता है बर्बाद

नई दिल्ली:: अमेरिका में बैठा खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू एक बार फिर पंजाब के युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। वह सोशल मीडिया के जरिए लगातार भड़काऊ बयान दे रहा है और युवाओं की भावनाओं का फायदा उठा रहा है। लेकिन बाद में इन युवाओं और उनके परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
लालच देकर युवाओं को गैरकानूनी कामों में शामिल करता
पन्नू छोटे-छोटे लालच देकर युवाओं को गैरकानूनी कामों में शामिल करता है। किसी को 2 हजार रुपये देकर सरकारी इमारतों पर खालिस्तान के नारे लिखवाए जाते हैं, तो किसी को 50 हजार रुपये का लालच देकर खतरनाक हथियारों की सप्लाई करवाई जाती है। ये अपराध इतने गंभीर होते हैं कि इनमें आसानी से जमानत भी नहीं मिलती। वह प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जुड़ा हुआ है।
पकड़े जाने पर कोई जिम्मेदारी नहीं
नवंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच पंजाब में ग्रेनेड हमलों के 16 मामले सामने आए। जांच में पता चला कि विदेश से निर्देश मिलने पर जेल में बंद अपराधियों ने राजस्थान के रास्ते पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ग्रेनेड मंगवाए।
सोशल मीडिया से ब्रेनवॉश
भिसियाना और मानवाला गांव के सरकारी स्कूलों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए थे। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 26 साल का हरजिंदर भी शामिल था, जो मजदूरी करता था। उसके पिता ने बताया कि घर की हालत पहले से ही खराब थी। 2 हजार रुपये के लालच में उसने यह काम किया। गिरफ्तारी के बाद परिवार की स्थिति और खराब हो गई। गांव में लोग शक की नजर से देखते हैं और रिश्तेदारों ने भी दूरी बना ली है। परिवार वकील की फीस तक नहीं दे पा रहा, इसलिए जमानत भी नहीं हो पाई।
परिवारों पर भारी पड़ रही एक गलती
फर्नीचर का काम करने वाला शेखर सिंह पिछले 7 महीने से जेल में है। उसके दादा अजमेर सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि पहले गांव में उनकी बहुत इज्जत थी, लेकिन अब लोग बातें बनाते हैं। उन्होंने बताया कि शेखर गलत संगत में पड़ गया था। शेखर के पिता, जो ईंट भट्ठे पर ट्राली चलाते हैं, दमा के मरीज हैं और मुश्किल हालात में काम कर रहे हैं। अजमेर सिंह ने युवाओं से अपील की कि वे ऐसे बहकावे में न आएं।
लॉ स्टूडेंट बना रहा था बम
बठिंडा के जीदा गांव में सितंबर 2025 में एक घर में दो धमाके हुए थे। जांच में पता चला कि 19 साल का लॉ स्टूडेंट गुरप्रीत सिंह घर में विस्फोटक बनाने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान हुए धमाके में वह और उसके पिता घायल हो गए। गुरप्रीत अब जेल में है। उसके पिता ने बताया कि वह घरवालों को कहता था कि वह खाद बनाने की रिसर्च कर रहा है। इस एक गलती ने पूरे परिवार की इज्जत और जिंदगी पर गहरा असर डाला। ऐसे मामलों से साफ है कि लालच और बहकावे में आकर युवा अपनी और अपने परिवार की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।



