ज्ञान भंडार

Heavy Rain Alert: अगले एक हफ्ते तक दिल्ली-NCR, राजस्थान समेत…कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी तूफान की संभावना, किसानों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक मजबूत और असामान्य पश्चिमी विक्षोभ के असर से लगातार तीसरे दिन उत्तर से लेकर दक्षिण और पश्चिम से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। पहाड़ी इलाकों, खासकर हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है और गर्मी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।

कई राज्यों में बारिश और ठंडक
राजस्थान में कई जगहों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। जयपुर, कोटा और सीकर समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तापमान में करीब 10 डिग्री तक गिरावट देखी गई। वहीं दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बारिश शुरू हो गई, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ गई। बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। पंजाब में अचानक तेज बारिश और कोहरा देखने को मिला, जबकि लखनऊ में गरज के साथ हल्की बारिश हुई।

असामान्य पश्चिमी विक्षोभ बना कारण
मौसम विभाग के अनुसार इस बार का पश्चिमी विक्षोभ सामान्य से अलग और ज्यादा शक्तिशाली है। यह लगभग 1000 किलोमीटर लंबी सीधी ट्रफ (निम्न दबाव रेखा) के रूप में अफगानिस्तान से पाकिस्तान होते हुए भारत में पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ा। आमतौर पर ऐसे विक्षोभ घुमावदार होते हैं, लेकिन इस बार यह सीधी और मजबूत रेखा में सक्रिय है, जिससे तेज हवाएं, गरज-चमक और तूफानी मौसम देखने को मिल रहा है।

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया के अनुसार, इस बदलाव से उत्तर भारत में एक बार फिर हल्की ठंड लौट आई है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान 16 से 22 डिग्री के बीच रह सकता है, जो सामान्य से 10–15 डिग्री कम है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अगले एक हफ्ते तक देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश का असर बना रहेगा। उत्तर भारत में बदला हुआ मौसम 27 मार्च तक रहने की संभावना है, इसके बाद तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा।

मध्यप्रदेश में फसलों को नुकसान
मध्यप्रदेश में मौसम के इस बदलाव का असर खेती पर पड़ा है। ग्वालियर में करीब 15 साल बाद गर्मी के मौसम में ठंडक महसूस की गई। राज्य के 42 जिलों में बारिश हुई, जबकि 13 जिलों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खासकर गेहूं और चना की फसलें प्रभावित हुई हैं। तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगह पेड़ गिरने और बिजली सप्लाई बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

हिमाचल में बर्फबारी से रास्ते बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है। त्रिलोकनाथ के पास पहाड़ी से बड़ा हिमखंड गिरकर चिनाब नदी में जा गिरा, जिससे नदी का बहाव तेज हो गया। इस स्थिति के कारण मनाली-केलांग, आनी-कुल्लू और रामपुर-किन्नौर जैसे तीन नेशनल हाईवे समेत करीब 100 सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी जोत मार्ग पर करीब 45 सेंटीमीटर बर्फबारी के चलते रास्ते बंद हो गए हैं। वहीं रामपुर-किन्नौर हाईवे नाथपा के पास पहाड़ी दरकने से बंद हो गया है।

Related Articles

Back to top button