
बैंगलुरु : बेंगलुरु के जगजीवन राम नगर में शोभायात्रा पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, हालत अब नियंत्रण में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार रात शोभायात्रा पर हुए हमले में 2 महिलाएं घायल हो गईं। घटना के बाद निवासियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जगजीवन राम नगर थाने के सामने प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि सोमवार को आक्रोशित लोगों की ओर से जवाबी कदम उठाए जाने की आशंका के मद्देनजर जगजीवन राम नगर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस के सीनियर अधिकारी इलाके में ही मौजूद हैं और घटना में शामिल उपद्रवियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। वीएस गार्डन निवासी शशिकुमार एन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार देर रात प्राथमिकी दर्ज की। शिकायत के अनुसार, यह घटना रात करीब सवा 8 बजे से 9 बजे के बीच हुई, जब श्रद्धालु इलाके में शोभायात्रा निकाल रहे थे। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पिछले 23 वर्षों से ओम शक्ति और अय्यप्पा स्वामी की पूजा में भाग ले रहे हैं। परंपरा के तहत ओम शक्ति की माला पहनकर और सिर पर इरुमुडी रखकर शोभायात्रा में शामिल होते हैं। इरुमुडी कपड़े में बंधी दो पोटलियों का बंडल होता है जिसमें से एक में पूजा-सामग्री, नारियल, चावल, दीपक आदि होते हैं। दूसरी में श्रद्धालु की व्यक्तिगत जरूरत की चीजें रहती हैं। इरुमुडी लेकर यात्रा करना अय्यप्पा व्रत का अहम हिस्सा माना जाता है।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि तीन से चार युवकों ने शोभायात्रा पर पथराव किया, जिसके कारण एक महिला श्रद्धालु के सिर में गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान हो गई। महिला को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें यह भी दावा किया गया कि इससे पहले भी इलाके में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और दो-तीन मौकों पर धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान शरारती तत्वों ने आगजनी की थी। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया कि इलाके में दलितों की खासी आबादी है और दलितों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं सामने आती रही हैं। घटना को धार्मिक भावनाओं पर हमला और डराने-धमकाने का कृत्य बताते हुए ओम शक्ति और अय्यप्पा स्वामी के श्रद्धालुओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।



