
नई दिल्ली : दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए कड़ी सुरक्षा के मद्देनजर आवाजाही के आधुनिक इंतजाम किए हैं। पहली बार एआई आधारित वीडियो के जरिए लोगों को पार्किंग और रास्तों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही समारोह के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कार-कॉलिंग प्रणाली शुरू की गई है। इसकी मदद से लाउडस्पीकर के माध्यम से वाहनों को मौके पर बुलाया जाएगा। गूगल मैप्स का भी सहारा लिया जा रहा है और सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। सहायता केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 12 कर दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने पहली बार एआई की मदद से विस्तृत एनिमेटेड वीडियो बनाए हैं जिनमें मेहमानों के आनेए गाड़ी से उतरने और पार्किंग की पूरी योजना दिखाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक इन वीडियो का मकसद आने वाले लोगों को पहले से ही रास्तों और पार्किंग की व्यवस्था की जानकारी देना है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, ये वीडियो रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं और मेहमान इन्हें अपने पार्किंग पास पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी देख सकते हैं। इन वीडियो में कार्यक्रम के दिन कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने, वाहन से उतरने और पार्किंग करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।
पुलिस के अनुसार, पार्किंग व्यवस्था के लिए कुल 22 स्थान बनाए गए हैं जहां करीब 8,000 वाहन खड़े किए जा सकते हैं। हर साल गणतंत्र दिवस परेड के लिए लगभग 77,000 पास जारी किए जाते हैं जिनमें से करीब 8,000 पास उन लोगों के लिए होते हैं जो अपने निजी वाहनों से आते हैं।
इस साल एक नई पहल करते हुए गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए शटल बस सेवा शुरू की गई है। यह सेवा खान मार्केट, अमृता शेरगिल मार्ग, पटेल चौक मेट्रो स्टेशन और एचसी माथुर लेन से चलाई जाएगी जो हर 10 मिनट में उपलब्ध होगी ताकि कर्मी अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें।
आमंत्रित मेहमान और टिकट धारक गणतंत्र दिवस पर अपने तय पार्किंग स्थल तक पहुंचने के लिए गूगल मैप या मैप प्लस का सहारा ले सकते हैं। ये डिजिटल प्लेफॉर्म कर्तव्य पथ तक जाने के लिए सही रास्ते और आवंटित पार्किंग की सटीक जानकारी देंगे।
अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस ने जमीनी स्तर पर भी मदद के इंतजाम बढ़ाए हैं। इस साल मुख्य जगहों पर 12 सहायता केंद्र बनाए गए हैं जबकि पहले इनकी संख्या महज दो थी। इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारी पार्किंग, पैदल रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में लोगों का मार्गदर्शन करेंगे।
समारोह खत्म होने के बाद भीड़ से बचने और मेहमानों की सुरक्षित वापसी के लिए इस साल कार कॉलिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इसके जरिए मेहमान बाहर निकलते समय वहां मौजूद अधिकारी को जानकारी देंगे जिसके बाद पार्किंग में लगे लाउडस्पीकर से गाड़ी का नंबर या ड्राइवर का नाम पुकारा जाएगा।
ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए 26 जनवरी को एक विशेष नियंत्रण कक्ष काम करेगा जिसमें पुलिस, दमकल और अन्य इमरजेंसी सेवाओं के अधिकारी मौजूद रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करें और आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल मैप का इस्तेमाल करें



