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सही चावल का चुनाव कर खाएंगे तो नहीं बढ़ेगा शुगर और मोटापा

नई दिल्ली : देसी व्यंजन से लेकर विदेशी डिश चावल दुनिया के अधिकांश हिस्सों में बहुत लोकप्रिय और आहार का मुख्य हिस्सा है। ज्यादातर लोग चावल रोज बस अपने स्वाद के लिए खाना पसंद करते हैं। लेकिन चावल फोलिक एसिड, बी विटामिन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम, फाइबर, आयरन और जस्ता सहित 15 से अधिक आवश्यक विटामिन और खनिज प्रदान करता है। जो आपको सेहत से जुड़े कई लाभ दे सकता है। पर यह तब ही मुमकिन है जब आप इसका सही चुनाव करें।

हालांकि कुछ लोगों को चावल खाने के लिए मना किया जाता है। माना जाता है कि इसमें मौजूद कैलोरी डायबिटीज और मोटापा की परेशानी को बढ़ा सकती है। लेकिन कई चावल की किस्म ऐसी भी है जिन्हें एंटीडायबिटीज वाले गुण मौजूद होते हैं। यहां आप चावल के कुछ वैरायटी को जान सकते हैं। और अपनी आवश्यकता के आधार पर इनका चुनाव कर सकते हैं।

चावल की सभी किस्मों में सबसे आम, सफेद चावल है। यह किसी भी किराने की दुकान में आपको आराम से मिल जाती है। और अक्सर होटलों में खाने की थाली का मुख्य हिस्सा होती है।

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर नेशनल के अनुसार, सफेद चावल में अलग से एड किया हुआ आयरन, थियामिन (विटामिन बी 1), नियासिन (विटामिन बी 3) और फोलिक एसिड होता है। इसके प्रति ¼ कप में लगभग 160 कैलोरी होता है।

ब्राउन राइस सबसे अधिक मान्यता प्राप्त साबुत अनाज में से एक है। दिलचस्प बात यह है कि, ब्राउन राइस में सफेद चावल की तुलना में औसतन प्रति ¼ कप ड्राई सर्विंग में केवल 1.5 ग्राम अधिक फाइबर होता है। भूरे चावल में मौजूद ये फाइबर का अतिरिक्त ग्राम ज्यादातर अघुलनशील होता है, जो एक सौम्य रेचक के रूप में कार्य करके पाचन स्वास्थ्य के लिए सहायक हो सकता है।

काला चावल को बैंगनी, सम्राट के चावल के रूप में भी जाना जाता है। यह चावल पूर्वी संस्कृतियों में वर्षों से लोकप्रिय रहा है। काला चावल सूखने पर काले रंग का दिखता है, लेकिन बार पकने के बाद यह डार्क बैंगनी रंग का हो जाता है। इसमें मौजूद एंथोसायनिन जो एक प्रकार का फ्लेवोनोइड वर्णक है, हृदय रोग, कैंसर और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है।

ब्राउन राइस की तुलना में ब्लैक राइस फाइबर और प्रोटीन में अधिक होता है। इसके प्रति ¼ कप ड्राई सर्विंग से लगभग पांच ग्राम प्रोटीन और तीन ग्राम फाइबर मिलता है। काले चावल का सबसे अच्छा आनंद दलिया, चावल के सलाद, या तले हुए चावल के रूप में लिया जा सकता है।

लाल चावल एक शहद के रंग का दाना है, जिसमें थोड़ा नमकीन और अखरोट जैसा स्वाद होता है। कुछ मौजूदा शोधों ने प्रोएथोसायनिडिन सामग्री के कारण ल्यूकेमिया, गर्भाशय ग्रीवा और पेट के कैंसर कोशिकाओं पर लाल चावल के सकारात्मक निरोधात्मक प्रभावों की जांच की है।

जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड केमिस्ट्री के 2016 के एक स्टडी के अनुसार, लाल चावल में एंटीडायबिटिक प्रभाव होता है। अध्ययन में लाल चावल की भूसी के अर्क के संपर्क में आने से बेसल ग्लूकोज (ब्लड शुगर के उचित नियमन के लिए महत्वपूर्ण) में 2.3 से 2.7 गुना वृद्धि पाई गई। विभिन्न प्रकार के चावलों के विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि लाल चावल में टोकोट्रियनोल, विटामिन ई का एक रूप है, जो न्यूरोप्रोटेक्शन, कैंसर विरोधी गतिविधि और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुणों से जुड़ा हुआ है।

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