उत्तर प्रदेश

IIT कानपुर का बड़ा कदम: आत्महत्या रोकने के लिए लगाए जाएंगे ‘स्प्रिंग लोडेड’ पंखे, मानसिक स्वास्थ्य पर खास फोकस

कानपुर: छात्रों में बढ़ती मानसिक दबाव की समस्या को देखते हुए आईआईटी कानपुर प्रशासन ने आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए अहम और नए कदम उठाए हैं। संस्थान ने ऐसे प्रावधान किए हैं, जिनका उद्देश्य न केवल आत्महत्या के प्रयासों को विफल करना है, बल्कि छात्रों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करना भी है।

आत्महत्या के प्रयास पर खुद गिर जाएंगे पंखे
संस्थान ने छात्रावासों और कमरों में स्प्रिंग लोडेड पंखे लगाने का फैसला किया है। यह पंखे इस तरह डिजाइन किए जाएंगे कि यदि कोई छात्र फांसी लगाने की कोशिश करता है, तो पंखा अपने आप नीचे गिर जाएगा, जिससे जान बचाई जा सके। इसके साथ ही कमरों में लगे पाइप और अन्य संभावित जोखिम वाले ढांचे भी हटाए जा रहे हैं, ताकि ऐसे प्रयासों की संभावना कम हो सके।

मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, काउंसलिंग पर जोर
आईआईटी प्रशासन ने काउंसलिंग सेवाओं का विस्तार करते हुए ‘मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र’ की स्थापना की है, जो अब छात्रों के लिए सहायता का मुख्य केंद्र होगा। यहां 10 फुल टाइम मनोवैज्ञानिक तैनात किए गए हैं। इसके अलावा पहले से मौजूद एक मनोचिकित्सक और तीन परामर्शदाता विशेषज्ञ भी छात्रों को लगातार मार्गदर्शन दे रहे हैं।

24 घंटे मिलेगी काउंसलिंग सुविधा
छात्रों और फैकल्टी को हर समय सहायता उपलब्ध कराने के लिए संस्थान ने एक बाहरी सेवा प्रदाता के साथ साझेदारी की है। इसके जरिए ऑनलाइन और टेलीफोन पर 24 घंटे काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।

जागरूकता अभियान और संवाद पर भी जोर
संस्थान मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यशालाएं, संवेदनशीलता कार्यक्रम, छात्रावास विजिट और ओपन संवाद जैसे प्रयास भी कर रहा है। इन गतिविधियों का मकसद छात्रों और शिक्षकों के बीच खुलकर बातचीत को बढ़ावा देना है, ताकि समस्याओं को समय रहते समझा और सुलझाया जा सके।

कमेटी की सिफारिशों पर लागू हो रहे बदलाव
इन सभी कदमों को संस्थान की फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लागू किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इन उपायों से आत्महत्या जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और कैंपस का माहौल अधिक सुरक्षित और सहयोगी बनेगा।


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