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हॉट स्पॉट’ बना अवैध सब्जी मंडी, जीरो टॉलरेंस नीति हो रही बेअसर

डीएम संज्ञान के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण, आर्थिक हित बना सबसे बड़ी बाधा

विनोद जयसवाल

नानपारा (बहराइच) : नगर का हॉट स्पॉट इलाका एवं राजा बाजार चौकी क्षेत्र इन दिनों अवैध अतिक्रमण और गंदगी की चपेट में है। यहां सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर फैली थोक सब्जी मंडी न केवल आवागमन में बाधा बन रही है, बल्कि कीचड़ और सड़ांध के बीच संचालित यह मंडी प्रशासनिक दावों की भी पोल खोल रही है। हैरानी की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक की अतिक्रमण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति होने के बावजूद, बीते दो महीनों से यह मामला मीडिया की सुर्खियों में रहने और जिलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद भी जस का तस बना हुआ है। न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही अवैध रूप से संचालित सब्जी मंडी को अन्यत्र शिफ्ट किया जा सका।

हाल ही में आयोजित समाधान दिवस में भी फरियादी नासिर अली पुत्र अकबर अली ने मंडी हटवाने की मांग उठाई थी, लेकिन ज़मीनी हालात में कोई बदलाव नजर नहीं आया। स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि आर्थिक स्रोतों पर चोट लगने की आशंका के चलते कार्रवाई में जानबूझकर विघ्न-बाधा डाली जा रही है। करीब दो दशक पूर्व बीच बाजार स्थित फल मंडी में अग्निकांड के बाद राजनीतिक दबाव में मंडी समिति परिसर में फल आढ़तियों को अस्थायी रूप से चबूतरे आवंटित किए गए थे। यह अस्थायी व्यवस्था धीरे-धीरे स्थायी अतिक्रमण में बदल गई। समिति से बीस के करीब सब्जी आढ़तियों को दुकानें आवंटित थीं, लेकिन दबंग आढ़तियों के प्रभाव और विरोध के चलते मंडी को दूर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया लगातार अटकती रही।

नोटिस का खेल
मामला तूल पकड़ने पर मंडी सचिव द्वारा बीस दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए, जिनकी मियाद 3 जनवरी को समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके, सचिव का कहना है कि मंडी निदेशक से दिशा-निर्देश न मिलने के कारण शिफ्टिंग संभव नहीं हो पा रही है, जबकि दुकानदार लिखित रूप से मंडी स्थानांतरण की सहमति दे चुके हैं।

पैदल चलना भी मुश्किल
मिहींपुरवा रोड, जो सीधे हाईवे से जुड़ी है, सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक अतिक्रमण की वजह से पूरी तरह जाम जैसी स्थिति में रहती है। सड़क से लेकर फुटपाथ तक सब्जियों का अंबार लगा रहता है, जिससे आम नागरिकों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। यह हालात प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि सुप्रीम कोर्ट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के आदेशों का पालन कब और कितनी गंभीरता से किया जाता है, या यह मामला भी समय के गर्भ में ही समा जाएगा।

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