उत्तराखंड

होली के रंग में सीएम धामी, चंपावत-खटीमा दौरे में उमड़ी भीड़; विकास परियोजनाओं और जनसंवाद का दिखा संगम

देहरादून। उत्तराखंड में होली के उल्लास के बीच मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami रंगों के साथ-साथ विकास और जनविश्वास का संदेश भी दे रहे हैं। शुक्रवार को उनके चंपावत और खटीमा दौरे में बड़ी संख्या में लोग जुटे। मुख्यमंत्री ने होल्यारों के साथ अबीर-गुलाल खेलते हुए जनता से आत्मीय संवाद किया और विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल सांस्कृतिक उपस्थिति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आस्था स्थलों के विकास और क्षेत्रीय परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। इससे पहले मानसून के दौरान आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी की थी। राज्य की रजत जयंती वर्ष में ‘सशक्त और आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश भी लगातार दिया जा रहा है।

मां पूर्णागिरी धाम मेले का उद्घाटन, सुविधाओं पर जोर

चंपावत दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मां पूर्णागिरी धाम मेले का उद्घाटन किया। मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी जनता के सामने रखी। पार्किंग, पेयजल आपूर्ति और भीड़ प्रबंधन को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया।

शारदा और गोल्ज्यू कॉरिडोर को मिली रफ्तार

मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे शारदा कॉरिडोर पर काम तेज हो चुका है। आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने वाले इस प्रकल्प के पहले चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किए गए हैं। मास्टर प्लान के तहत गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में भी तेजी आई है। लगभग 430 करोड़ रुपये की इस योजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। टनकपुर में 238 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

काली कुमाऊं होली रंग महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री

खटीमा में मुख्यमंत्री काली कुमाऊं होली रंग महोत्सव में शामिल हुए और जनता से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ से वे उत्साहित नजर आए। अपने गृह क्षेत्र में पहुंचने पर उनका स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय जुड़ाव साफ दिखाई दिया। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद वे नगला तराई स्थित अपने निजी आवास पहुंचकर क्षेत्रवासियों से मिलने का अवसर नहीं छोड़ते।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण व विकास की योजनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए सरकार की योजनाओं का बचाव किया। होली के रंगों के बीच राजनीतिक संदेश और विकास एजेंडा दोनों समानांतर रूप से चलते दिखे।

Related Articles

Back to top button