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यूपी: लखनऊ में बेटे ने कर दी पिता की हत्या, महज 17 साल का आरोपी फरार, लाठी-डंडों से वार कर उतारा मौत के घाट

लखनऊ से एक बार फिर रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक नाबालिग बेटे पर अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या करने का आरोप लगा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

क्या है पूरा मामला

यह घटना लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय लवकुश ने अपने 45 वर्षीय पिता के सिर पर लाठी-डंडों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। गंभीर चोटों के कारण पिता की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह वारदात घरेलू विवाद के चलते हुई। घटना के बाद आरोपी लवकुश घर से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।

कुछ दिन पहले भी सामने आया था ऐसा ही मामला

हाल ही में लखनऊ के आशियाना इलाके में भी इसी तरह का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जिसमें एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर दी थी। इस घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था।

इस मामले में बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने कारोबारी पिता मानवेन्द्र सिंह की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव को छिपाने के लिए घर में रखे ड्रम का इस्तेमाल किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने पिता को उनकी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारी थी और इसके बाद शव के कई टुकड़े कर दिए थे। आरोपी हाथ-पैर अलग-अलग जगह फेंक चुका था और धड़ को भी ठिकाने लगाने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच में हुए थे कई चौंकाने वाले खुलासे

इस हत्याकांड की जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आई थीं। शुरुआत में यह जानकारी मिली थी कि पिता अपने बेटे पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दबाव बनाते थे, जिससे नाराज होकर बेटे ने हत्या कर दी। हालांकि बाद में जांच में यह भी सामने आया कि मां की मौत के बाद से बेटा अपने पिता से नाराज रहने लगा था और इसी वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

इन घटनाओं ने लखनऊ ही नहीं बल्कि देशभर में लोगों को झकझोर दिया है। लगातार सामने आ रही ऐसी वारदातों ने पारिवारिक रिश्तों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। जिस बेटे को बुजुर्गावस्था में माता-पिता का सहारा माना जाता था, वही बेटा जब इस तरह की वारदातों को अंजाम देने लगे तो समाज में असुरक्षा और भय का माहौल पैदा होना स्वाभाविक है।

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