Ind vs SA: दूसरे वनडे से पहले टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के सामने बाधा दी मुश्किलें

भारत के खिलाफ वनडे सीरीज का पहला मैच गंवा चुकी साउथ अफ्रीकी टीम मुश्किल में है। 6 मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच से पहले उसके कप्तान फाफ डु प्लेसिस के सीरीज से बाहर होने की खबर से अफ्रीकी खेमे की चिंता बढ़ा दी है। एबी डि विलियर्स पहले ही तीन मैचों से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में मेजबान टीम को कई सवालों के जवाब तलाशने होंगे। टीम की कमान युवा एडेन मार्करम के हाथों में है। मार्करम की कप्तानी में साउथ अफ्रीका ने अंडर-19 का विश्व कप जीता था।
साउथ अफ्रीकी टीम में मुख्य बल्लेबाजों के न होने के बाद अन्य बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया है। साउथ अफ्रीकी टीम अब पिचों के बारे में बात कर रही है। यह किसी भी टीम के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा सकता। पर मेजबान टीम उम्मीद कर रही होगी कि सीरीज के बाकी मैचों की पिचें तेज गेंदबाजों के मुफीद होंगी।
दूसरी ओर भारतीय टीम के हौसले पहले वनडे में मिली शानदार जीत से काफी बुलंद हैं। वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम शानदार खेल दिखा रही है। भारत के पास गेंदबाजी और बल्लेबाजी में गजब की विविधता मौजूद है। साउथ अफ्रीका में भारतीय टीम का वनडे रेकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं था। टीम की कोशिश अब उसमें सुधार करने की होगी।
डु प्लेसिस के जाने के बाद साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजी का बड़ा दारोमदार आता है हाशिम अमला और जेपी डुमिनी के कंधों पर। बाएं हाथ के इन दोनों बल्लेबाजों को भारत के क्वॉलिटी स्पिनर्स रन बनाने और विकेट पर टिके रहने के रास्ते तलाशने होंगे।
सेंचुरियन में खेले गए पिछले 5 वनडे मैचों में पहली पारी का औसत स्कोर 332 है। हालांकि ये सब स्कोर डे-नाइट मैचों में बने हैं। इस मैदान पर आखिरी वनडे नवंबर 2013 में खेला गया था जब पाकिस्तान की टीम 179 पर ऑल आउट हो गई थी। पिछले पांच वनडे मैचों में से चार बार बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को जीत मिली है। ऐसे में कप्तान टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के विकल्प को तरजीह दे सकते हैं।