भारत ने पाकिस्तान को फिर लगाई लताड़, कनाड़ा से यूरेनियम डील को लेकर लगाए थे आरोप

नई दिल्ली : अपनी ओछी हरकतों से बाज ना आने वाले पाकिस्तान को भारत (India) ने एक बार फिर तगड़ी लताड़ लगाई है। हाल ही में भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति समझौते को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए भारत ने कहा है कि परमाणु अप्रसार के मामले में भारत की छवि बेदाग है और इस मामले में अपने खराब रिकार्ड से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान हास्यास्पद उपदेश दे रहा है। इस दौरान भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों का भी सिरे से खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि भारत अफगानिस्तान को पाकिस्तान के खिलाफ भड़का रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति को लेकर हुए समझौते पर पाकिस्तान के आरोपों से जुड़े सवाल पर कहा कि जिस देश का परमाणु विस्तार के मामले में रिकार्ड पहले से ही खराब है उसका इस तरह के उपदेश देना हास्यास्पद है।
भारतीय प्रवक्ता ने कहा ,” पाकिस्तान द्वारा दिए गए इस बयान को भारत खारिज करता है। परमाणु अप्रसार के संबंध में भारत की साख बेदाग है और वैश्विक समुदाय इसे अच्छी तरह से जानता है। गुप्त परमाणु प्रसार के इतिहास वाला कोई देश ऐसे बयान कैसे दे सकता है। ऐसे हास्यास्पद बयान पाकिस्तान के अपने खराब रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने की कोशिश मात्र हैं।”
गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में कनाडा के साथ 2.6 अरब डॉलर का एक बड़ा यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है, जिसके तहत 2027-2035 तक कैमेको कंपनी भारत को दो करोड़ बीस लाख पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी। इस दीर्घकालिक सौदे का उद्देश्य भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को बढ़ावा देना है। इस समझौते पर ही पाकिस्तान को मिर्ची लगी थी। पाकिस्तान ने इसे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बता दिया। हालांकि अब पाक को भारत से करारा जवाब मिला है।
भारतीय प्रवक्ता ने आगे पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के सैन्य टकरावों के बारे में भारत पर लगाए गए आरोपों को भी खारिज करते हुए पाकिस्तान को सुनाया। उन्होंने कहा, “अपनी नापाक हरकतों के लिए भारत को दोष देना पाकिस्तान की आदत बन गयी है। दशकों से आतंकवाद को बढावा देने के कारण सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की कोई विश्वसनीयता नहीं है। किसी भी तरह की कहानी गढ़ने से यह सच्चाई नहीं बदलेगी और ना ही पाकिस्तान की कथित पीड़ित होने की छवि से कोई भ्रमित होने वाला है।”



