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पश्चिम एशिया संकट के बीच रूस से भी LPG खरीदेगा भारत, सरकार ने दिए संकेत

नई दिल्ली : ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच पूरी दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) का संकट पैदा होने लगा है। एलपीजी (LPG) की भी दिक्कतें आने लगी हैं। इस बीच, एलपीजी को लेकर भारत सरकार ने गुरुवार को बड़े संकेत दिए हैं। विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया कि क्या भारत रूस से एलपीजी खरीद रहा है, इस पर सरकार ने कहा कि अगर रूस में उपलब्ध होगी, तो वहां से खरीदी जाएगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या हम रूस से एलपीजी खरीद रहे हैं? इस पर उन्होंने जवाब दिया, ”एलपीजी हम सभी जगह से खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जहां वह उपलब्ध है। अगर उसमें रूस भी होगा, तो वहां भी जाएंगे, क्योंकि स्थिति अभी इस प्रकार की है। हमें सुनिश्चित करना है कि हमारे लोगों का ईंधन की जरूरतें हैं, वह पूरा हो। कई देश हैं, जहां से एलपीजी खरीद रहे हैं। अभी इन देशों का ब्योरा नहीं है, यह सब पेट्रोलियम मंत्रालय ज्यादा जानकारी देगा, लेकिन हम चाहते हैं कि विकल्प हमारे पास कई हों।”

भारत ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के कुंओं तथा तेल रिफाइनरियों पर हमलों को अत्यंत चिंताजनक बताया है। सरकार ने कहा है कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और हमले तुरंत रोके जाने चाहिए। पिछले कुछ दिनों में ईरान-अमेरिका जंग और भीषण हुई है। ईरान ने कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों के कई तेल कुओं और रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। अमेरिका-इजरायल ने भी ईरानी तेल सुविधाओं पर हमले किए हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले कुछ दिनों में खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों के संबंध में मीडिया के प्रश्नों के उत्तर में गुरुवार को कहा कि भारत ने यह संघर्ष शुरू होने पर ही कहा था कि नागरिक और ऊर्जा ठिकानों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा ,” भारत ने पहले ही पूरे क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना सहित नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का आह्वान किया था। इस क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हालिया हमले अत्यंत चिंताजनक हैं और ये पूरे विश्व के पहले से ही अनिश्चित ऊर्जा परिदृश्य को और अस्थिर करते हैं। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए।”

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