उत्तराखंड में कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में मानचित्रक पद पर चयनित 12 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति राज्य की कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नव नियुक्त कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद प्रदेश में अब तक 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने इसे सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता और सुशासन का प्रमाण बताया।
प्राकृतिक खेती और मिलेट उत्पादन को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है और मिलेट के उत्पादन एवं विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों की आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बागवानी और औषधीय खेती पर भी फोकस
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में सेब, कीवी, बागवानी और औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य कृषि को लाभकारी और युवाओं के लिए आकर्षक बनाना है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस क्षेत्र से जुड़ें।
कार्यक्रम में कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एस.एन. पाण्डेय, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव सहित कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




