ISI की साजिश नाकाम, 100 राउंड फायरिंग की थी योजना, नेपाल रूट से हथियार सप्लाई का खुलासा

नई दिल्ली : पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की एक बड़ी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। जांच में सामने आया है कि भारत (India) में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल को निर्देश दिए गए थे कि वह किसी एक स्थान पर 100 से ज्यादा राउंड फायरिंग कर बड़े पैमाने पर दहशत फैलाए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मॉड्यूल के जरिए अत्याधुनिक अवैध हथियार भारत पहुंचाने वाला मुख्य आरोपी शाहबाज अंसारी है, जो फिलहाल बांग्लादेश में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसके परिवार का पहले से ही अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ा इतिहास रहा है और उसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर भारत में दहशत फैलाने की साजिश रची जा रही थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस मॉड्यूल को धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग करने के निर्देश मिले थे। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि शाहबाज का संपर्क आईएसआई से उसके भाई के जरिए हुआ, जो दुबई में एजेंसी के अधिकारियों से मिला था। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर भारत में हथियारों की सप्लाई शुरू की गई।
पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि आरोपी इमरान और कामरान इस अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क के सक्रिय सदस्य थे और शाहबाज अंसारी के निर्देशों पर काम कर रहे थे। दोनों आरोपी नेपाल से हथियारों की खेप लाने का काम करते थे। हथियारों को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर गुप्त रास्तों से भारत लाया जाता था, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
जांच में सामने आया है कि हथियारों की सप्लाई एक तयशुदा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के तहत की जा रही थी। पाकिस्तान से हथियार पहले थाईलैंड भेजे जाते थे, वहां से नेपाल और फिर भारत में उनकी तस्करी की जाती थी। इस पूरे नेटवर्क में शाहबाज अंसारी एक अहम कड़ी के रूप में काम कर रहा था, जो विदेश में बैठे आकाओं और भारत में सक्रिय गुर्गों के बीच संपर्क बनाए रखता था। आरोपी इमरान, उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद में डेयरी का काम करता था और इसी आड़ में हथियारों की सप्लाई में शामिल था। वहीं कामरान, जो दिल्ली में पैदा हुआ, बुलंदशहर में चूड़ियों की दुकान पर काम करता था। दोनों रिश्ते में शाहबाज के करीबी हैं और उसके निर्देशों पर नेपाल से अवैध हथियारों की खेप भारत लाते थे।



