उत्तराखंड

23 अप्रैल से शुरू होगी केदारनाथ यात्रा, कड़ाके की ठंड के बीच व्यवस्थाएं जुटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 23 अप्रैल से विधिवत शुरू होने जा रही है। आमतौर पर यात्रा मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में शुरू होती है, लेकिन इस बार धाम के कपाट दो सप्ताह पहले खुलने के कारण जिला प्रशासन के सामने तैयारियों को समय से पूरा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

दरअसल, अप्रैल माह में केदारनाथ धाम और पूरी केदार घाटी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। कई स्थानों पर बर्फ जमी रहती है और तापमान कई बार शून्य से नीचे तक पहुंच जाता है। ऐसे हालात में पेयजल आपूर्ति लाइनों के जमने, बिजली व्यवस्था प्रभावित होने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए कठिन कार्य बन जाता है।

हर साल नए सिरे से तैयार करनी पड़ती हैं व्यवस्थाएं

प्रत्येक यात्रा सीजन में केदारनाथ धाम में मूलभूत सुविधाओं को नए सिरे से स्थापित करना पड़ता है। इनमें पैदल यात्रा मार्ग को सुचारु करना, धाम में यात्रियों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति तथा साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं शामिल होती हैं।

अप्रैल में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण इन व्यवस्थाओं को तय समय में तैयार करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों को सीमित समय में तेजी से काम पूरा करना होगा।

कम ऑक्सीजन और ठंड से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की आशंका

केदारनाथ क्षेत्र की ऊंचाई अधिक होने के कारण अप्रैल में यहां का तापमान कई बार माइनस डिग्री तक पहुंच जाता है। साथ ही ऊंचाई के कारण ऑक्सीजन का स्तर भी कम रहता है। ऐसे में हृदय रोग या श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

इसी को देखते हुए प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल टीमों और आपातकालीन सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता होगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

सीमित समय में पूरी करनी होंगी तैयारियां

आमतौर पर यात्रा मई में शुरू होने पर प्रशासन को तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है और तब तक मौसम भी कुछ हद तक अनुकूल हो जाता है। लेकिन इस बार यात्रा 23 अप्रैल से शुरू होने के कारण विभागों को कम समय में ही सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

चारधाम यात्रा सामान्यतः दो चरणों में पूरी होती है। पहला चरण कपाट खुलने से लेकर जून के अंत तक चलता है, जबकि दूसरा चरण सितंबर के मध्य से शुरू होकर यात्रा समापन तक जारी रहता है।

जल्दी शुरू होने से व्यापार को भी मिलेगा फायदा

हालांकि यात्रा जल्दी शुरू होने के कई सकारात्मक पहलू भी सामने आ रहे हैं। इस बार श्रद्धालुओं को मानसून शुरू होने से पहले लगभग दो से ढाई महीने का अतिरिक्त समय मिल जाएगा, जिससे अधिक संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे।

केदार घाटी होटल एसोसिएशन के सचिव मनोज सेमवाल का कहना है कि अप्रैल में यात्रा शुरू होने से प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करने की चुनौती जरूर है, लेकिन इससे स्थानीय व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि होटल, रेस्टोरेंट, टूर ऑपरेटर, घोड़ा-खच्चर संचालक, टैक्सी चालक और छोटे व्यापारियों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं रुद्रप्रयाग के होटल व्यवसायी प्रदीप थपलियाल का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो यह यात्रा सीजन आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक साबित हो सकता है।

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार इस वर्ष 23 अप्रैल से केदारनाथ यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी और तैयारियों का काम तेजी से जारी है। उनका कहना है कि यात्रा जल्दी शुरू होने से चारधाम से जुड़े हर वर्ग के व्यापारियों को लाभ मिलेगा और श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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